गरीब लोगों के नाम पर फर्जी कंपनिया बनाकर 176 करोड़ रुपये का फ्रॉड किया, पुलिस ने दबोचा
चेन्नई न्यूज़। चेन्नई में एक आदमी द्वारा फर्जी कंपनिया बनाकर 176 करोड़ रूपये कमाने का मामला सामने आया है। इनपुट टैक्स क्रेडिट रैकेट के 34 वर्षीय कथित मास्टरमाइंड, जिसने गरीब लोगों के नाम पर फर्जी कंपनियां बनाकर और फर्जी चालान बनाकर सरकार को 176 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया। यह शख्स देश छोड़कर भागने की फ़िराक में ही था लेकिन पुलिस ने उसे धार दबोचा।
वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) इंटेलिजेंस यूनिट के अधिकारियों ने कहा कि चेन्नई निवासी और उसके सहयोगियों ने गरीब लोगों को बैंक ऋण का वादा करके उनके आधार और पैन विवरण हासिल किए और फिर उनके नाम पर कई फर्जी कंपनियां खोलीं।
चेन्नई में जीएसटी इंटेलिजेंस यूनिट के एक अधिकारी ने एनडीटीवी को बताया, "कई कंपनियों ने इस कथित मास्टरमाइंड को शामिल किया था, जिसने फर्जी कंपनियां बनाई थीं और 973.64 करोड़ रुपये के कर योग्य मूल्य के लिए 175.88 करोड़ रुपये के बिल जारी किए थे।"
उस व्यक्ति के एक साथी को 22 जून को गिरफ्तार किया गया था और पूछताछ के दौरान उसके द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर, मास्टरमाइंड को अगले दिन पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।