हौसले को मिला सहारा तो खिले चेहरे
-लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने तीन दिव्यांगों को भेंट की ट्राइसिकल
संवाददाता शिव कुमार शर्मा
कोटा राजस्थान
कोटा, 9 जुलाई। दिव्यांग किसी के तरस के मोहताज नहीं हैं। वे आत्मनिर्भर भी बनना चाहते हैं और स्वाभिमान के साथ जीना भी चाहते हैं। यह बात एक बार फिर तब दिखाई दी जब लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शनिवार को तीन दिव्यांगों को ट्राइसिकल भेंट की।
संसदीय क्षेत्र कोटा-बूंदी के प्रवास पर आए लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला शनिवार को कैंप कार्यालय में दिव्यांग गोविंद नगर निवासी मांगी लाल, डाबी निवासी बृजमोहन मेघवाल और केशवपुरा सेक्टर 4 निवासी मंजू से मिले। अपने पिछले प्रवासों के दौरान स्पीकर बिरला ने उन्हें ट्राइसिकल देने का आश्वासन दिया है।
स्पीकर बिरला ने बृजमोहन मेघवाल को मोटराइज्ड ट्राइसिकल जबकि मंगीलाल और मंजू को ट्राइसिकल भेंट की। स्पीकर बिरला ने कहा उन्हें जिस भी सहायता की जरूरज हो बताएं, हरसंभव मदद की जाएगी। हम चाहते हैं कि दिव्यांग किसी के मोहताज नहीं रहें। वे स्किल्ड होकर अपनी रोटी खुद कमा सकें।
तीन दिव्यांगों ने भी स्पीकर ओम बिरला का आभार जताते हुए कहा कि वे अब जीवन में कुछ करके दिखाना चाहते हैं। सरकारी नौकरी या अपना खुद के रोजगार के माध्यम से परिवार का जीवन बेहतर बनाना चाहते हैं। बिरला की मदद उनके जीवन को आसान बनाएगी।
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रीट पास करूंगा टीचर बनूंगा
डाबी निवासी बृजमोहन मेघवाल अपने बहन और भाई के साथ कोटा में रीट की कोचिंग कर घर लौट रहा था। रास्ते में हुई दुर्घटना में भाई-बहिन की मृत्यु हो गई जबकि बृजमोहन दिव्यांग हो गया। पिछले दिनों डाबी में उसने स्पीकर बिरला से ट्राइसिकल कि लिए आग्रह किया था। वह रीट की परीक्षा पास कर टीच बननवा चाहता है
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फिर से रोटी कमा सकूंगा
गोविंद नगर निवासी ट्रक ड्राइवर मांगी लाल को वाराणसी में एक अन्य ट्रक ने टक्कर मार दी। हादसे में उनका पैर कट गया, जिसने उन्हें लाचार बना दिया। ट्राइसिकल मिलने के बाद वे फिर से कोई काम शुरू कर सकेंगे। बिरला ने उन्हें जर्मन फुट भी लगवाने के लिए आश्वस्त किया है।
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अब हाथ नहीं फैलाना पड़ेगा
केशवपुरा निवासी मंजू और उसका पति सोनू दोनों दिव्यांग हैं। दो बच्चे हैं जिनके लिए दो वक्त की रोटी का इंतजाम करना भी कई बार मुश्किल हो जाता है। लेकिन ट्राइसिकल मिलने के बाद मंजू अब कोई काम करना चाहती है। उसने कहा कि अब हाथ नहीं फैलाएंगे, काम करके पैसा कमाएंगे।