संवाददाता शिव कुमार
बूंदी |
जिला कलेक्टर रेणु जयपाल ने निर्देश दिए हैं कि राज्य सरकार की मुख्यमंत्री युवा संबल योजना का पूरा लाभ बेरोजगार युवाओं को मिले। उन्हें विभिन्न विभागों में कार्य अनुभव के अवसर दिए जाएं ताकि वे अनुभव प्राप्त कर सकें और बेरोजगारी भत्ते के पात्र बनें। उन्होंने निर्देश दिए कि रोजगार एवं नियोजन विभाग में पंजीकृत बेरोजगार युवाओं को यथासंभव उनकी पात्रता के अनुसार संबंधित विभागों में भेजा जाए। उन्होंने विभिन्न विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे बेरोजगार युवाओं को अपने विभाग से संबंधित कार्य सीखने का अवसर दें तथा संचालित योजनाओं को गति प्रदान करें। जिला कलेक्टर ने कहा कि यह योजना बेरोजगार युवाओं को संबल देने की मंशा से राज्य सरकार द्वारा संचालित की गई है। अतः इसका पूरा लाभ बेरोजगार युवाओं को मिले।
बैठक में जिला रोजगार अधिकारी गिरिराज प्रसाद राठौर ने योजना की मौजूदा स्थिति के बारे में विस्तार से जानकारी दी और विभागीय अधिकारियों को बताया कि उनके द्वारा भेजे गए युवाओं को निर्धारित अवधि में विभिन्न प्रकार का कार्य अनुभव प्रदान कर बेरोजगार युवाओं को लाभान्वित करें। साथ ही कार्य पर नहीं आने वाले युवाओं के बारे में विभाग को सूचना दी जाए।
यह है योजना
मुख्यमंत्री युवा संबल योजना राज्य सरकार की फ्लैगशिप योजना है, योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए आशार्थियों को इंटर्न करवाने के लिए समस्त जिला स्तरीय कार्यालयों में लगवाया जाता है।योजना के तहत पात्र पुरुष आशार्थी को चार हजार रुपये और महिला और निशक्तजन आशार्थी को 4500 रुपये प्रतिमाह का भुगतान किया जाता है।
जिले में बेरोजगारी भत्ता लेने वाले सभी आशार्थियों को राजकीय कार्यालयों में 4 घंटे इंटर्नशिप अनिवार्य रूप से करनी होगी। इसके अभाव में बेरोजगारी भत्ते का भुगतान नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि बेरोजगारी भत्ता लेने वाले सभी आशार्थियों को अपने प्रोफेशनल कोर्स के प्रमाण पत्र खुद की एसएसओ आईडी से रोजगार विभाग की वेबसाइट पर अपलोड करने होंगे। साथ ही इंटर्नशिप के लिए सहमति को भी अपलोड करना अनिवार्य होगा अन्यथा उन्हें भत्ता नहीं मिलेगा। वहीं, अकुशल बेरोजगारों को प्रशिक्षण लेने के बाद ही भत्ता मिलेगा। यह कौशल प्रशिक्षण न्यूनतम 3 माह का अनिवार्य होगा। कौशल प्रशिक्षण आरएसएलडीसी के माध्यम से एवं उसके द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थानों का मान्य होगा। यदि किसी आवेदक ने पूर्व में ही प्रोफेशनल कोर्स और बीएड, बीटेक, एमबीबीएस, बीएससी नर्सिंग, बी फार्मा इत्यादि डिप्लोमा अथवा सर्टिफिकेट किया हुआ हो तो तीन माह के कौशल प्रशिक्षण की आवश्यकता नहीं होगी।
पात्र पुरुष को 4 हजार रुपये प्रतिमाह और महिला को 4500 रुपये प्रतिमाह बेरोजगारी भत्ते का भुगतान किया जाता है। भत्ता दो वर्ष की अधिकतम अवधि और रोजगार पाने तक के लिए किया जाएगा। अगर आशार्थी अपात्र हो जाता है तो उसका भत्ता बंद किया जाएगा। राजस्थान सरकार द्वारा यह योजना लागू की गई है इसलिए इस योजना में आवेदन करने वाला व्यक्ति राजस्थान का स्थाई निवासी होना चाहिए।