जयपुर। "ऑपरेशन लोटस" के तहत भाजपा पूरे देश को विपक्षमुक्त बनाने में लगी हुई है। अब गोवा में कांग्रेस के विधायकों को खरीदने के लिए 15—15 करोड की रकम पेश की जा रही है। ये गंभीर आरोप भाजपा पर कांग्रेस पार्टी ने लगाये है।
सूत्रों ने कहा कि भाजपा के पास कांग्रेस के कुछ विधायकों को गोवा से बाहर निकालने के लिए एक चार्टर्ड फ्लाइट थी। रविवार को पांच विधायक पणजी और दिल्ली में खतरे की घंटी बजा रहे थे। वहीं, सत्तारूढ़ भाजपा ने संलिप्तता के आरोपों से इनकार किया है। पार्टी प्रवक्ता यतीश नाइक ने कहा, 'कांग्रेस पार्टी में जो कुछ भी हो रहा है, उससे बीजेपी का कोई लेना-देना नहीं है।
भाजपा के एक शीर्ष नेता, कांग्रेस के सूत्रों ने कहा, व्यक्तिगत रूप से कांग्रेस विधायकों के संपर्क में थे। सूत्रों ने कहा कि विधायकों को बड़ी रकम की पेशकश की गई थी – ₹15 करोड़ से ₹20 करोड़ प्रत्येक – भाजपा में शामिल होने के लिए। लेकिन योजना को अंतत: रद्द कर दिया गया क्योंकि संख्या नहीं बढ़ी।
वहीं, दलबदल विरोधी कानून से बचने के लिए कांग्रेस के दो तिहाई विधायक दल बदल रहे हैं। पार्टी के 11 विधायक होने के कारण, कम से कम आठ विधायक पार करने के लिए तैयार होने चाहिए थे। कांग्रेस ने संकट पर तुरंत प्रतिक्रिया दी, अपने नेता प्रतिपक्ष माइकल लोबो को बर्खास्त कर दिया और सार्वजनिक रूप से अपने पूर्व मुख्यमंत्री दिगंबर कामत पर अपनी ही पार्टी के खिलाफ "साजिश" करने का आरोप लगाया। पार्टी ने विधानसभा अध्यक्ष से श्री कामत और लोबो दोनों को दलबदल विरोधी कानून के तहत अयोग्य घोषित करने का भी अनुरोध किया है।
कांग्रेस के गोवा डेस्क प्रभारी दिनेश गुंडू राव ने आरोप लगाया कि माइकल लोबो और दिगंबर कामत "कांग्रेस में फूट डालने के लिए भाजपा के साथ मिलकर साजिश रच रहे हैं"।