जयपुर। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने रविवार को कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार प्रस्तावित डेटा संरक्षण कानून के तहत नागरिकों की निजता का उल्लंघन नहीं कर पाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार को केवल राष्ट्रीय सुरक्षा, महामारी और प्राकृतिक आपदाओं जैसी असाधारण परिस्थितियों में व्यक्तिगत डेटा तक पहुंच प्राप्त होगी। चंद्रशेखर ने कहा, "ये अपवाद हैं। जैसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पूर्ण नहीं है और उचित प्रतिबंध के अधीन है, वैसे ही डेटा सुरक्षा का अधिकार भी है।"
बता दें कि 18 नवंबर को, केंद्र ने डेटा संरक्षण विधेयक का मसौदा जारी किया था, जिसे संसद के शीतकालीन सत्र में पेश किए जाने की उम्मीद है। ड्राफ्ट बिल सार्वजनिक प्रतिक्रिया चाहता है क्योंकि सरकार द्वारा पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन बिल 2021 को वापस लेने के तीन महीने बाद इसे संसदीय पैनल द्वारा 81 संशोधनों की मांग के बाद जारी किया गया है।
विधेयक के प्रावधानों के अनुसार, केंद्र के पास उन देशों को निर्दिष्ट करने की शक्ति है, जिन्हें संगठन व्यक्तिगत डेटा स्थानांतरित कर सकते हैं। कंपनियों को उन देशों के सर्वरों पर उपयोगकर्ता डेटा भेजने की अनुमति होगी जिन्हें अधिसूचित किया गया है।
सरकार उन राज्य एजेंसियों को छूट देने के लिए अधिकृत है जो राष्ट्रीय हित में प्रस्तावित कानून से डेटा संसाधित कर रहे हैं। विधेयक में प्रस्तावित कानून का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए एक डेटा संरक्षण बोर्ड भी शामिल है। यह बोर्ड यूजर्स की शिकायतें भी सुनेगा।