“संकाय विकास कार्यक्रम” पर सेमिनार का भव्य आयोजित
पिलानी कै पी रूथला
बिरला शिशु विहार पिलानी मे आयोजित कार्यशाला का शुभारम्भ संकाय विकास कार्यक्रम के संयोजक और बिरला शिशु विहार प्राचार्य श्री पवन वशिष्ठ ने किया | कार्यशाला का शुभाररंभ करते हुए गणित की आवश्यकता और उसके महत्व के बारे में बताया | उन्होने बताया कि गणित हमारे रोजमर्रा के जीवन से जुडा हुआ है, यदि हम व्यवहारिक और तर्कशील होंगे तो गणित को बहुत आसानी से समझ सकेगे |
कार्यशाला मे श्रीमती नेहा गर्ग प्रारम्भिक शिक्षा विशेषज्ञ ने बताया कि बच्चों को शुरु से ही गणित को रटवाने की बजाय उसे समझाकर सिखाना आवश्यक है। केवल मौखिक निर्देश काफी नहीं है। अध्यापक की जटिल भाषा बच्चों को समझ नहीं आती और डर से बच्चा कुछ पूछ नहीं पाता जिसका नतीजा होता है कि बच्चे के लिए गणित फोबिया बन जाता है। बच्चों को इस स्थित से निकालने के लिए उनके मानसिक स्तर के अनुसार उन्हें समझाया जाए।
श्रीमती नेहा गर्ग ने बताया कि किसी भी टेक्नॉलाजी की शुरुआत गणित से होती है। उन्होंने कहा कि हमे हर बच्चे को गणित के महत्व की जानकारी देना चाहते हैं। इसके लिए हमको तरह-तरह की प्रतियोगिताएं करवानी चाहिए और बच्चों को गणित-साइंस किट द्वारा आसानी से समझाया जा सकता है |
श्रीमती दिव्यान्शी महरोत्रा माध्यमिक शिक्षा विशेषज्ञ ने अपने व्याख्यान मे बताया कि कोई भी विषय डरावना नहीं होता। जरूरत है हमें विषय को समझने की। यदि हम किसी विषय को खेल की तरह लेते हैं तो वह सरल हो जाता है। उन्होने बताया कि हम गणित की पढ़ाई को जिंदगी से जुड़े उदाहरणों से नहीं जोड़ पाते। किसी भी विषय में मौलिक चीजों को समझना जरूरी होता है।
श्रीमती शालिनी नैयर एजुकेशनल ट्रेनर ने भी अँग्रेजी भाषा को लेकर विशेष जानकारी दी |
कार्यशाला बिरला शिक्षण संस्थान की सभी शिक्षण संस्थाओ मे संस्था निदेशक, मेजर जनरल (रिटायर्ड) श्री एस एस नायर के निर्देशन मे आयोजित की जा रही है, जिसमे विश्व प्रशिद्ध शिक्षाविद और राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर के एडुकेशनल ट्रेनर द्वारा प्रशिक्षण दिया जा रहा है |
कार्यशाला मे संस्था के अनुभवी शिक्षक और शिक्षाए भी अपने-अपने क्षेत्र मे प्रशिक्षण देकर आपसी अनुभव साझा कर आपसी विचार-विमर्श कर रहे है |
कार्यशाला मे बिरला शिक्षण संस्थान के द्वारा संचालित सभी शिक्षण संस्थाओ के शिक्षक और शिक्षिकाओ ने हिस्सा लिया | जिसमे बिरला बालिका विद्यापीठ, बिरला पब्लिक स्कूल, बिरला स्कूल, बिरला शिशु विहार, बिरला पब्लिक स्कूल vर शिक्षकाए उपस्टिथ थे |
कार्यशाला के अंत में प्राचार्य श्री पवन वशिष्ठ और कार्यशाला संयोजक श्री पवन वशिष्ठ ने अतिथियों को प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया