जयपुर। पिछले कई सालों से भारत में ऑनलाइन पेमेंट में खूब बढ़ोतरी देखने को मिली है। लेकिन, बढ़ते डिजिटल पेमेंट के साथ-साथ देश में ऑनलाइन फ्रॉड का ग्राफ भी बढ़ा है। एक प्राइवेट संस्था LocalCircle के रिपोर्ट के मुताबिक देश में पिछले 3 सालों में 42% लोग ऑनलाइन फ्रॉड का शिकार हुए हैं। इनसे में 72% लोग हैं जो अपने पैसों को वापिस नहीं पा सके हैं। आइए जानते हैं LocalCircle पूरी रिपोर्ट क्या कहती हैं.
प्राइवेट फॉर्म LocalCircle के एक सर्वे के मुताबिक देश में अधिकांश घटनाओं के लिए बैंक फ्रॉड, क्रेडिट और डेबिट कार्ड फ्रॉड, ई-कॉमर्स ऑपरेटर फ्रॉड जिम्मेदार है। LocalCircle ने जब धोखाधड़ी के मामले पर विभिन्न प्रकार के सवाल लोगों से किये तो उनके जवाब कुछ इस प्रकार मिले-
29% लोग जो ऑनलाइन पेमेंट का इस्तेमाल करते हैं उन्होंने धोखाधड़ी को बैंक खाता धोखाधड़ी कहा. वही, 24% लोगों ने इसे 'ई-कॉमर्स वेबसाइट' द्वारा धोखाधड़ी करना कहा । 21% लोगों ने इसे 'अन्य किसी' कैटेगरी में रखा । वहीं, 18% लोगों का मानना है की ऑनलाइन धोखाधड़ी 'क्रेडिट और डेबिट' कार्ड से होती है। 12% ऐसे लोग भी शामिल थे जिन्होंने इसे 'मोबाइल ऐप' द्वारा धोखाधड़ी कहा । 8% लोगों ने एटीएम कार्ड धोखाधड़ी और 6% लोगों ने बीमा धोखाधड़ी कहा । 3% लोगों ने कोई जवाब नहीं दिया ।
लॉजिक सर्किल के उपरोक्त डाटा से स्पष्ट पता चलता है कि ऑनलाइन फ्रॉड का मुख्य कारण क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड धोखाधड़ी, बैंक खातों के साथ धोखाधड़ी और ई-कॉमर्स ऑपरेटर धोखाधड़ी बना हुआ है।
गौरतलब है कि भारतीय रिजर्व बैंक के अनुसार वर्ष 2021 बारिश में 7414 करोड रुपए की ऑनलाइन धोखाधड़ी की गई है वही आरबीआई का मानना है कि पिछले 7 सालों में बैंक फ्रॉड में हर दिन देश को कम से कम 100 करोड रुपए का नुकसान हुआ है।