जयपुर। पंजाब के लुधियान कोर्ट में हुए विस्फोट की जांच स्पेशल टीम कर रही है। इस बलास्ट में फोरेंसिक टीम और बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वॉड ने प्रारंभिक विश्लेषण के बाद पता लगाया है कि गुरुवार को लुधियाना कोर्ट ब्लास्ट में जो विस्फोटक पदार्थ इस्तेमाल किया गया था काफी अच्छी मात्रा में उच्च श्रेणी का था"। सूत्रो के मुताबिक पेंटाएरिथ्रिटोल टेट्रानाइट्रेट या आरडीएक्स विस्फोट का इस्तेमाल इस बलास्ट में किया गया है। सूत्र ने कहा, "अगले कुछ घंटे महत्वपूर्ण हैं क्योंकि अंतिम परीक्षण बम के सटीक निर्माण का पता लगाएंगे और पुष्टि करेंगे कि छर्रे आदि का इस्तेमाल किया गया था।"
बता दें कि लुधियान के कोर्ट परिसर में हुए में विस्फोट में एक व्यक्ति की जान चली गई, जबकि पांच अन्य घायल हो गए। इस बलास्ट में मारे गये व्यक्ति की अभी पहचान नहीं हो सकी है। क्योंकि शव क्षत-विक्षत हो गया था। और शरीर पर केवल एक टैटू देखा जा दिखाई दे रहा है।
बब्बर खालसा पर शक
फिलहाल हमलावरों का पता नहीं लग पाया है। स्पेशल टीम जांच में जुटी है। सूत्रो के मुताबिक लुधियाना कोर्ट ब्लास्ट के पीछे बब्बर खालसा का हाथ होने का शक है।
पुलिस के अनुसार, विस्फोट लुधियाना में जिला एवं सत्र अदालत परिसर की दूसरी मंजिल पर स्थित एक वॉशरूम में दोपहर करीब 12:22 बजे हुआ। शव कोर्ट की दूसरी मंजिल के वॉशरूम में मिला, जहां धमाका हुआ था। राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड द्वारा इलाके का निरीक्षण करने के बाद इसे मौके से हटाया गया।
प्रारंभिक जांच के बाद, एनएसजी और पुलिस अधिकारियों का मानना है कि मृतक ने ही अदालत परिसर में बम रखा था। "वह शायद अदालत की इमारत में बम लाया था। जैसे ही उसने बम को सक्रिय करना शुरू किया वह बलास्ट हो गया।