देवनारायण पशुपालक आवासीय योजना में हुआ गृह प्रवेश
मुख्यमंत्री की बजट घोषणा में 300 करोड़ की लागत से बना आधुनिक नगर
पशुपालकों के लिए पहली हाईटेक आवायीय योजना बनी राजस्थान में-स्वायत्त शासन मंत्री
संवाददाता शिवकुमार शर्मा
कोटा राजस्थान
कोटा 19 जून। देशभर में अनूठी एवं आधुनिक सुविधाओं से सुशज्जित पशुपालकों के लिए पहलीबार तैयार की गई देवनारायण एकीकृत आवासीय योजना में रविवार को स्वायत्त शासन मंत्री श्री शांति धारीवाल ने कब्जा सौंपकर आवंटियों को गृह प्रवेश कराया।
मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत द्वारा बजट घोषणा 2020-21 में 300 करोड़ की लागत से कोटा शहर के पशुपालकों को सुव्यवस्थित रुप से बचाने के लिए देवनारायण एकीकृत आवास योजना विकसित करने की घोषणा की गई थी। परियोजना की आधारशिला मुख्यमंत्री द्वारा 17 अगस्त 2020 को रखी गई। जिसमें नगर विकास न्यास कोटा द्वारा प्रथम चरण में 738 आवासों का निर्माण पूर्ण किया जाकर 501 आवासों का आवंटन किया गया है।
पशुपालकों के लिए विश्व में पहली हाईटेक आवायीय योजना-
स्वायत्त शासन मंत्री ने कहा कि देश ही नहीं विदेशों में भी पशुपालकों के लिए सभी सुविधाओं से सुसज्जित ऐसी कोई योजना देखने को नहीं मिलेगी, जहां एक साथ पशुपालकों को बसा कर उनका शैक्षणिक, आर्थिक और सामाजिक विकास हो सके। उन्होंने कहा कि विभिन्न समस्याओं का सामना करते हुए जिस तरह से पशुपालक अपनी जिंदगी गुजार रहे थे अब उनकी जिंदगी में बड़ा बदलाव आयेगा। उन्होंने कहा कि इस योजना में जिस प्रकार आधुनिक सुविधाओं का समावेश किया गया है उसको देखने देश-दुनिया के शिल्पकार आयेंगे। इसमें पशुपालकों के जीवन स्तर में सुधार के साथ कोटा शहर को पशु दुर्घटना से मुक्त होने में मदद मिलेगी।
स्वायत्त शासन मंत्री ने कहा कि भगवान देवनारायण के नाम पर पहली योजना है जो सरकार द्वारा आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित की गई है। इसमें वर्तमान पीढी के विकास के साथ पशुपालकों के बच्चों के भविष्य के लिए भी प्रावधान किये गये है। उन्होंने कहा कि अग्रेजी माध्यम स्कूल, चिकित्सालय, दुग्ध मंडी, हाट बाजार, मिल्क प्रोसेसिंग यूनिट, बायोगैस प्लांट, आवागमन के लिए बसों का संचालक जैसी सुविधाओं से पशुपालकों के जीवन में सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक विकास को पूरा किया जा सकेगा।
गौ पूजन से शुभारम्भ-
स्वायत्त शासन मंत्री श्री शांति धारीवाल ने गृह प्रवेश का शुभारम्भ योजना केे द्वार पर गायों की पूजा अर्चना कर पशुपालकों को उनके आवास के कब्जा पत्र सौंपकर की। समारोह को लेकर पशु पालकों में उत्साह देखा गया। मुख्य द्वार पर स्वायत्त शासन मंत्री ने पशुधन की पूजा कर पशुपालकों को फूल माला पहनाकर हाईटेक कस्बे में प्रवेश करवाया। कार्यक्रम के दौरान गुर्जर समाज की ओर से 51 किलो की माला से स्वायत्त शासन मंत्री का स्वागत कर पशुपालकों के लिए देवनारायण नगर बसाने पर सरकार का आभार जताया। नगर विकास न्यास के ओएसडी आरडी मीना ने योजना के विकास के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए योजना को पशुपालकों के लिए वरदान बताया।
देश की अनुठी देवनारायण योजना की विशेषताऐ-
योजना में पशुपालकों के लिए 1227 बड़े आवासीय भूखंडों का प्रावधान किया गया है इनमें से 738 आवासों का निर्माण पूर्णकर 501 पशुपालकों को आवंटन कर दिया गया है। इन भूखंडों के पिछले भाग में लगभग 40 वर्ग मीटर क्षेत्र में दो कमरे, रसोईघर, शौचालय, स्नानघर, बरामदा, चारा स्टोर की सुविधा से युक्त आवास का निर्माण किया गया है। भूखंड के अग्रभाग में पशुओं के लिए सेड का निर्माण किया गया है। जिसमें भूखंड के क्षेत्रफल के अनुसार 18 से 28 पशुओं के पालने की क्षमता होगी। इस योजना में आवासीय भूखंडों के अतिरिक्त डेयरी उद्योग के लिए 50, भूसे गोदाम के 14, खलचुरी व सामान्य व्यवसाय के लिए 112 भूखण्डों का आवंटन किया गया है।
पशुपालकों की सुविधा के लिए योजना में विद्यालय भवन, पशु चिकित्सालय, सोसाइटी कार्यालय, पुलिस चौकी विद्युत सब स्टेशन, पेयजल के लिए उच्च जलाशय, सीवर लाइन, पार्क, नाली, सड़कें, एसटीपी, पशुमेला मैदान एवं दुग्ध मण्डी का भी निर्माण किया गया है। इसके अतिरिक्त भविष्य की आवश्यकता के अनुसार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक भवन, रंगमंच का निर्माण किया गया है।
योजना में लगभग 15 हजार पशुओं से प्राप्त गोबर के निस्तारण के लिए नगर विकास न्यास द्वारा बायोगैस संयंत्र की स्थापना की जा रही है। बायोगैस संयंत्र की स्थापना से इस योजना को गोबर की दुर्गंध से मुक्ति मिलेगी तथा पशुपालकों से 1 रूपये प्रति किलोग्राम की दर से बायोगैस संयंत्र के लिए गोबर खरीदा जाएगा। बायोगैस से उत्पन्न गैस को पाइप लाइन के माध्यम से घरों में सप्लाई किया जायेगा। बायोगैस संयंत्र से गोबर के निस्तारण के साथ-साथ जैविक खाद का भी उत्पादन होगा।
ये रहे उपस्थित-
समारोह में कोटा दक्षिण महापौर राजीव अग्रवाल, उत्तर महापौर मंजू मेहरा, उपमहापौर पवन मीणा, सोनू कुरैशी, संभागीय आयुक्त दीपक नंदी, जिला कलक्टर हरिमोहन मीना, पुलिस अधीक्षक शहर केसरसिंह, नगर विकास न्यास सचिव राजेश जोशी सहित अधिकारी गण, यूआईटी के पूर्व अध्यक्ष रविन्द्र त्यागी, अमित धारीवाल, डॉ जफर मोहम्मद, शिवकान्त नन्दवाना, राजेन्द्र सांखला, देवा भड़क सहित जनप्रतिनिधीगण बड़ी संख्या में पशुपालक परिवार उपस्थित रहे। पट्टा वितरण के बाद इंद्रदेव मेहरबान हो गए जिससे मौसम सुहावना हो गया और वर्षा आने पर पशुपालकों ने इसे शुभ मानते हुए प्रफुल्लित होकर भगवान देवनारायण के जयकारे लगाए