भाभी और ननद का रिश्ता खास होता है। यदि वे दोनों एक ही उम्र के हैं, तो वे दोस्त बन जाते हैं, लेकिन कभी-कभी भाभी और ननद के बीच संघर्ष होता है और दोनों में हमेशा बहस होती है। कई बार चीजें इतनी खराब हो जाती हैं कि दोनों का एक ही घर में रहना मुश्किल हो जाता है। यह स्थिति अक्सर शुरुआत में देखने को मिलती है, जब घर में नई भाभी आती है। भाभी और ननद के लिए एक-दूसरे को समझना मुश्किल हो जाता है। नई भाभी का अपनी ननद के साथ अनुभव बेहद खराब रहते हैं। वहीं ननद को भी भाभी की जिंदगी में आना पसंद नहीं है। ऐसे में हर ननद को अपनी भाभी से बातचीत करने से पहले कुछ बातें समझ लेनी चाहिए। यह एक अच्छे रिश्ते की शुरुआत हो सकती है।
भाभी भी होती है घर की बेटी
भाभी की अपेक्षाएं स्थापित करने से पहले आपको यह समझ लेना चाहिए कि भाभी भी घर की बेटी होती है, इसलिए जैसा आपको फील होता है, वैसा ही कुछ भाभी को भी फील होता होगा। आपकी तरह आपकी भाभी को भी कई तरह की परिस्थितियों का सामना करना पड़ेगा।
नई परिवार की समस्या
आपकी भाभी के लिए सब कुछ नया है, इसलिए उसके साथ तालमेल बिठाने में समय लगेगा। ऐसे में दोबारा कुछ भी करने से पहले आपको यह समझने की जरूरत है कि नए रिश्तों के बीच संबंध स्थापित करने में समय लगता है।
अलग-अलग रीति रिवाज
अलग-अलग घरों में रहने और सोचने के तौर-तरीकों में बहुत अंतर होता है। हो सकता है कि आपके घर में जिन चीजों को बहुत ही सीरियस लिया जाता है, उन्हें भाभी के घर में लाइट लिया जाता हो। तो उसे आप या घर का अपमान न समझकर समझने की कोशिश करें।
आपको भी ससुराल जाना होगा
यदि आप अविवाहित हैं तो आप को समझना होगा की आप को भी कभी न कभी पराये घर जाना है। ऐसे में यदि आप अपनी स्थिति की कल्पना कर सकते हैं तो आपके मन में भाभी के प्रति एक कोमल भाव विकसित होगा और आप भाभी के स्वभाव को बेहतर ढंग से समझ पाएंगे।
नया रिश्ता बनाने में वक्त लगता है
अगर आप किसी भी रिश्ते को जल्दी से स्वीकार या बदल लेते हैं, तो इसका मतलब यह नहीं है कि दूसरे व्यक्ति का स्वभाव वैसा ही है। ऐसे में भाभी को आपस में घुलने-मिलने का समय दें। जल्दी मत करो। भाभी को भी टाइम दें।
अगर आपको लगता है कि यहां सारे शब्द और बदलाव सिर्फ ननद के बारे में हैं तो ऐसा नहीं है। ननद भी एक दिन ससुराल जाएगी या आप भी किसी की भाभी हैं ऐसे में आप भी इस स्थिति को यह सोचकर देख सकते हैं कि ये चीजें हर खूबसूरत बहन के लिए हैं।