श्रीमद भागवत कथा में गोपालन मंत्री प्रमोद जैन भाया के गले मे पहुंची माला
बारां, 16 फरवरी। बड़ा के बालाजी तीर्थ धाम में गुरुवार को महाआरती के पश्चात भागवत ग्रंथ उठाते समय द्वारिकाधीश की दिव्य कृपा से व्यासपीठ भागवत पर रखी पवित्र माला स्वतः गोपालन मंत्री प्रमोद जैन भाया के गले में आ गई। व्यासपीठ पर यह चमत्कारिक दृश्य देख स्वयं संत प्रभूजी नागर भी भावविभोर हो उठे। उन्होंने इसे बड़ा के बालाजी की सेवा का अमृत फल बताकर भाया परिवार को आशीर्वचन दिए। इस दौरान विराट पंडाल में मौजूद 1 लाख से अधिक भक्तों ने करतल ध्वनि से जयकारे लगाकर इसे हरि कृपा बताया।
उल्लेखनीय है कि गोपालन मंत्री प्रमोद भाया, जिला प्रमुख उर्मिला जैन व पारख-कोठारी परिवार के सभी सदस्य पिछले 7 दिन से कथा श्रवण कर रहे हजारों गोभक्तो को बाराती उनकी मानकर सेवा-सुश्रुषा कर रहे थे, जो उन्हें समापन की महाआरती में ईश्वरीय चमत्कार वाली माला से फलीभूत हुई।
हरि के श्री चरणों से जुड़े रहो-
बडां के बालाजी तीर्थधाम में श्रीमद भागवत कथा महोत्सव के सप्तम सोपान में गौसेवक संत पं.प्रभूजी नागर ने कहा कि आज कोई भक्त निरंतर भक्ति करते हुये भगवान के भरोसे हो जाये तो संकट में भगवान ही उसकी रक्षा करते हैं।
हमेशा भगवान के चरणों से जुडकर रहो, संकट के समय यह पक्का आधार अवश्य काम आयेगा। जिस तरह भक्तिमयी मीरा ठाकुरजी को आधार मानकर विष का प्याला पी गई थी तो भक्ति के आधार ने ही उसकी रक्षा की थी। भक्ति में लीन होकर जो पूछते हैं- हे प्रभू, आपने हर अधर्म को एक क्षण में तारा है। क्या हम तेरी कृपा के हकदार नहीं हैं। जिसे इतना अनुग्रह हो जाता है, वह उसकी शरण में पहुंच जाता है।
भक्ति की कड़ी से जुड़़ जाओ-
संत नागरजी ने कहा कि ईश्वर का टिफिन सादा नहीं है, कडी वाला है। भवसागर से पार लगने के लिये कथा रूपी भक्ति की कडी से जु़ड़ जाओ, यही कडी एक दिन भगवान तक पहुंचायेगी।
एक प्रसंग सुनाते हुये कहा कि आरा मशीन पर लकडी काटते समय जिस तरह बूरा निकलता है और लकडी के दो टुकडे़ हो जाते हैं। उसी तरह, आप प्रभू की माला फेरते या पूजा करते समय कोई बुरा विचार आये तो मान लेना कि लकडी की तरह आपके पाप भी कट रहे हैं। बस, माला फेरना कभी बंद मत करना। जिस दिन प्रभू से मिलना होगा, उस दिन सहज मुक्ति मिल जायेगी।
जो संताप हरे, वह सच्चा गुरु-
अंतिम दिन कथा सार में उन्होंने कहा कि सांसारिक जीवन में एक ओर दुख-संताप का सागर दिखाई देता हैं तो दूसरी ओर अधिक धन- सम्पत्ति पाने की लालसा। जो संत भक्तों के संताप अपनी ओर खींचे, वही सच्चा गुरू है। जो धर्म की राह पर धन-संपत्ति अपनी ओर खीचें, वह अधर्मी मात्र है।
कथा के अंतिम सोपान में गुरुवार को खचाखच भरे विशाल पांडाल में गोपालन मंत्री प्रमोद जैन भाया, जिला प्रमुख उर्मिला जैन भाया, श्री पार्श्वनाथ मानव सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष यश जैन भाया ने एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने सामूहिक भागवत आरती की, जिसमे ईश्वरीय चमत्कारिक कृपा देख सभी भक्त धन्य हो गए।
व्यासपीठ को किया सम्मानित
गोपालन मंत्री प्रमोद जैन भाया, जिला प्रमुख उर्मिला जैन भाया, यश जैन भाया एवं श्री महावीर गोशाला सेवा संस्थान द्वारा श्रीमद भागवत कथा में बड़ा के बालाजी तीर्थधाम में सिद्धि से भक्ति कराने वाले पूज्य गुरुदेव प्रभू जी नागर को अभिनंदन पत्र, शाल, श्रीफल व दुप्पट्टा भेंट कर व्यासपीठ को सहृदय सम्मानित किया।