निर्भीक पत्रकारिता को दबाने का आईएफडब्ल्यूजे ने किया विरोध राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

संवाददाता शिवकुमार शर्मा
कोटा राजस्थान

निर्भीक पत्रकारिता को दबाने का आईएफडब्ल्यूजे ने किया विरोध
राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
कोटा। स्वतंत्र और निर्भीक पत्रकारिता को अनैतिक प्रयासों से दबाने के देश में चल रहे षड्यंत्र का आईएफडब्ल्यूजे ने कड़ा विरोध किया है। इस संबंध में आईएफडब्ल्यूजे की कोटा जिला ईकाइ ने राष्ट्रपति के नाम माननीय लोकसभा अध्यक्ष एवं सांसद कोटा बूंदी को ज्ञापन सौंपकर निर्भीक और स्वतंत्र पत्रकारिता को संरक्षण प्रदान करने की मांग की है।

आईएफडब्ल्यूजे के जिलाध्यक्ष के के शर्मा कमल ने बताया कि देश में इन दिनों स्वतंत्र और निर्भीक पत्रकारिता को कानून का सहारा लेकर दबाने की लगातार कोशिश की जा रही है। गत दिनों जी मीडिया के एंकर रोहित रंजन को गिरफ्तार किया गया, उससे समस्त पत्रकार जगत में रोष व्याप्त है। हालांकि उन्हें बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया। जिलाध्यक्ष शर्मा ने कहा कि देश में संविधान का राज है और उसके तहत किसी भी गलती के लिए गिरफ्तारी से पहले एक कानूनी प्रक्रिया है, जिसका पालन किया जाना बेहद जरूरी है। पत्रकार रोहित रंजन की गिरफ्तारी के लिए उनके घर पहुंची छत्तीसगढ़ पुलिस ने किसी एक विचारधारा को संरक्षण देने की नीयत से बिना विधिक प्रक्रिया का पालन किए कार्रवाई को अंजाम दिया। इससे पहले भी राष्ट्रीय न्यूज़ चैनल के एंकर अमीश देवगन और अमन चोपड़ा के खिलाफ भी इसी तरह की कार्रवाई की गई। कोटा जिलाध्यक्ष के के शर्मा कमल की अगुवाई में पत्रकार राम सिंह पवार, विनोद कुमार शर्मा, राहुल शर्मा मोहन सेन लोकसभा अध्यक्ष के कोटा कैंप कार्यालय पहुंचे और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि यह लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला करने की सीधी कोशिश है। इंडियन फेडरेशन आफ वर्किंग जर्नलिस्ट (आईएफडब्ल्यूजे) राजस्थान प्रदेश इकाई ने राष्ट्रपति से मांग की है कि इस मामले में दखल देकर स्वतंत्र और निर्भीक पत्रकारिता को अपना संरक्षण प्रदान करें। जिलाध्यक्ष शर्मा ने यह भी बताया कि आईएफडब्ल्यूजे के प्रदेशाध्यक्ष उपेंद्र सिंह राठौड़ के निर्देशानुसार पूरे प्रदेश में संगठन से जुड़े पत्रकारों की ओर से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपे जा रहे हैं, जिनमें राष्ट्रपति से निर्भीक और स्वतंत्र पत्रकारिता को संरक्षण प्रदान करने की मांग की जा रही है।