जयपुर। प्रदेश के अलवर जिले में एक बार फिर से बदमाशों ने हैवानियत की सीमा पार कर दी। अलवर में रात करीब साढ़े 8 बजे के बदमाशों ने एक मूकबधिर नाबालिग से गैंगरेप किया और बाद में उसे लहुलूहान हालत में पुलिया पर फेंक कर चले गये। मूकबधिर होने के कारण नाबालिग चिल्ला भी नहीं सकी। पीडिता को जयपुर अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। अभी तक दरिंदे पुलिस रात के पकड़ में नहीं आये हैं। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से बदमाशों को पकड़ने में जुटि है।
एसपी तेजस्वनी गौतम ने बताया कि मंगलवार रात करीब साढ़े 9 बजे पुलिस टीम के साथ पुलिया पर पहुंची। जहां तिजारा फाटक पुलिया के ऊपर नाबालिग से सेक्सुअल असॉल्ट कर फेंकने की बड़ी वारदात हुई है। नाबलिग की गंभरी हालत को देख कर कलेक्टर नन्नूमल पहाड़िया अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने जांच की तो पता चला बालिका कुछ बोल नहीं पा रही है। बाद में पता चला कि वह मूकबधिर है। हालत ज्यादा खराब होते देख नाबालिक को जयपुर रेफर कर दिया गया है।
छानबीन के बाद पुलिस को पता चला कि नाबालिग मूकबधिर मंगलवार शाम करीब 4 बजे मालाखेड़ा से अलवर की तरफ आई थी। उसके बाद बदमाशों ने उसका अपहरण किया और गैंगरेप किया। कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कार में से नाबालिग को पुलिया पर फेंका गया है। पुलिस का अनुमान है कि बदमाश नाबालिक को पुलिया से नीचे फेंकने के चक्कर में लेकर आये होंगे लेकिन फेंक नहीं पाये। लोगों ने जब नाबालिग को पुलिसा पर पड़ा देखा तो शिवाजी नगर थाने में फोन करके पुलिस को जानकारी दी।