संवाददाता शिवकुमार शर्मा
कोटा राजस्थान
कोटा 23 जून। कोचिंग संस्थानों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को मानसिक संबल एवं सुरक्षा प्रदान करने के लिए गुरूवार को यूआईटी ऑडिटोरियम में कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें पुलिस अधीक्षक शहर केसर सिंह, अतिरिक्त कलक्टर प्रशासन राजकुमार सिंह, शहर बृजमोहन बैरवा सहित अधिकारियों व मनोचिकित्सकों ने विद्यार्थियों के शैक्षणिक वातावरण के लिए सुझाव दिए।
पुलिस अधीक्षक शहर ने कहा कि कोचिंग प्राप्त करने कोटा आने वाले प्रत्येक विद्यार्थी का आमुखीकरण कोचिंग संस्थान, हॉस्टल, प्रशासन एवं पुलिस के साथ होना चाहिए। जिससे वे यहां के वातावरण में ढल सकें, जिस उद्देश्य के लिए आएं हैं उसे साकार कर सकें। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी बिना तनाव के अपने लक्ष्य पूरे करें, इसमें प्रशासन के साथ-साथ कोचिंग व हॉस्टलों का भी महत्वपूर्ण दायित्व है। वे विद्यार्थियों के अभिभावक के भांति सीधा सम्बन्ध बनाए रखकर उनकी प्रत्येक गतिविधि पर निगरानी रखें। उन्होंने विद्यार्थियों को आव्हान किया कि जीवन में चार ध्येय वाक्य अपनाए जिनमें लक्ष्य निर्धारण, कार्य में निरंतरता, धैर्य एवं कठिन परिश्रम प्रमुख है। उन्होंने कहा कि कोटा रहने पर सफलता मिलेगी अथवा अनुभव मिलेगा, लेकिन निराश होने की आवश्यकता नहीं है। किसी भी परेशानी के समय बिना झिझक के कोचिंग, हॉस्टल, स्थानीय पुलिस अथवा प्रशासन से सीधा सम्पर्क करें।
अतिरिक्त कलक्टर प्रशासन ने कहा कि हम सभी को मिलकर समन्वित प्रयास करने होंगे तभी जाकर हम विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य को साकार करने में अपनी सहभागिता निभा सकेंगे। उन्होंने कहा कि विभिन्न प्रदेश से आने वाले विद्यार्थियों को इको फ्रेंडली एवं तनावमुक्त शै़क्षणिक वातावरण किस प्रकार से मिले इस ओर कदम बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार अर्जुन के लिए श्रीकृष्ण सारथी बने उसी भांति हम सभी को विद्यार्थियों के सारथी बनकर सही दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना होगा।
अतिरिक्त कलक्टर शहर ने कहा कि कोटा का नाम शैक्षणिक नगरी के रूप में सपनो का शहर है, हमें विद्यार्थियों को खुला आकाश देना है, विद्यार्थियों का दायित्व है कि वे अपनी पूरी क्षमता के साथ खुले आकाश में प्रतिभा को साकार करें। उन्होंने कहा कि प्रशासन की भावनाओं के अनुरूप बेहतर शैक्षणिक वातावरण प्रत्येक विद्यार्थी को मिले, ऐसी हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कोचिंग एवं हॉस्टल एसोसिएशन के पदाधिकारी मिलकर ऑनलाईन क्लासेज से अब ऑफलाईन क्लासेज के समय में विद्यार्थी में यदि कोई परिवर्तन आता है या तनाव महसूस करता है तो इसकी प्रभावी रूप से मॉनिटरिंग की जाए।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर प्रवीण जैन ने कहा कि कोचिंग संस्थान एवं हॉस्टल एसोसिएशन को मिलकर विद्यार्थियों को शिक्षा के लिए बेहतर वातावरण बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने स्थानीय थानेवार कोचिंग विद्यार्थियों के लिए किए गए विशेष प्रावधान एवं सुरक्षात्मक उपायों की जानकारी दी। कार्यशाला में मेडिकल कॉलेज के मनोचिकित्सक डॉ. विनोद कुमार दंडिया ने पीपीटी के माध्यम से विद्यार्थियों में होने वाले मानसिक तनाव एवं उसके रोकथाम के लिए किए जाने वाले प्रयासों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। आगरा से कोचिंग प्राप्त करने कोटा आए दिव्यांशु उपाध्याय ने अपने संस्मरण सुनाते हुए कहा कि उसकी रूचि साइंस में थी लेकिन यहां की संस्कृति मार्क्स आरिएंटेड देखने को मिली, उसे अब विद्यार्थियों के लिए रूचिकर बनाना होगा। कोटा में सार्वजनिक यातायात व्यवस्था एवं कोचिंग एरिया में गुणवत्तापूर्ण सामग्री की उपलब्धता के लिए भी उसने सुझाव दिए।
इस अवसर पर यूआईटी के उपसचिव चंदन दुबे, मोहम्मद ताहिर, मनोचिकित्सक पूर्ती शर्मा, कोचिंग संस्थानों में अध्ययनरत् विद्यार्थी एवं हॉस्टल संचालक व उनके प्रतिनिधि एवं वार्डन उपस्थित रहे।