जयपुर। जापन के प्रधान मंत्री फुमियो किशिदा पद संभालने के बाद से पहली बार भारत की राजयनिक यात्रा कर रहे हैं। इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री भारत में अगले पांच वर्षों में भारत में 5 ट्रिलियन येन (42 बिलियन डॉलर) के निवेश की योजना की घोषणा कर सकते हैं। जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजा आबे ने वर्ष 2004 में अपनी भारत यात्रा के दौरान भारत में 3.5 ट्रिलियन येन से अधिक निवेश का वादा किया था। वर्तमान प्रधानमंत्री उसी वादे को पूरा करने के लिए बड़ी घोषणा कर सकते हैं।
14वां वार्षिक शिखर सम्मेलन
दरअसल भारत और जापान के बीच 14वां वार्षिक शिखर सम्मेलन होने जा रहा है जिसके चलते जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा भारत की दो दिवसीय यात्रा पर हैं। इस शिखर सम्मेलन में दोनों देशों के वरिष्ठ नेता भाग लेने वाले हैं। जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल होंगे। बता दें कि पिछला भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन 2018 में जापान में हुआ था।
शिखर सम्मेलन 2020 में और साथ ही 2021 में मुख्य रूप से कोविड -19 महामारी के कारण आयोजित नहीं किया जा सका। जापान इस साल क्वाड नेताओं का एक व्यक्तिगत शिखर सम्मेलन आयोजित करने के लिए तैयार है और मोदी के इसमें भाग लेने की उम्मीद है। इस वार्षिक सम्मेलन के दौरान किशिदा सार्वजनिक-निजी वित्त पोषण योजना की घोषणा कर सकते हैं।
यूक्रेन हालात पर चर्चा संभाव
शिखर सम्मेलन के दौरान, दोनों नेताओं के विभिन्न क्षेत्रों में अपने राजनयिक संबंधों और द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा करने की संभावना है। मोदी-किशिदा वार्ता में यूक्रेन के हालात पर भी चर्चा होने की संभावना है।