जयपुर। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गांधी नगर के महात्म मंदिर में कहा कि पारंपरिक चिकित्सा उद्योग को बढ़ावा देने के लिए भारत जल्द ही आयुष वीजा जारी करेगी जिससे विदेशी लोग भी पारंपरिक चिकित्सा से अपना इलाज करवाने भारत आ सकेंगे। साथ ही मोदी ने कहा कि भारत पारंपरिक चिकित्सा उद्योग को बढ़ाने के लिए 'आयुष चिह्न' लॉन्च करेगा जो देश में बने गुणवत्ता वाले आयुष उत्पादों को प्रामाणिकता देगा।
पीएम मोदी ने आज गांधी नगर के महात्मा मंदिर में आयोजित तीन दिवसीय वैश्विक आयुष निवेश और नवाचार शिखर सम्मेलन के उद्घाटन समारोह को संबोधित किया जहां मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद जगन्नाथ और विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक डॉ ट्रेडोस घेब्रेयसस उपस्थिति थे। इस संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि "भारत में, यह यूनिकॉर्न का युग है। 2022 में, भारत से अब तक 14 स्टार्ट-अप यूनिकॉर्न क्लब में शामिल हो चुके हैं। मुझे यकीन है कि यूनिकॉर्न बहुत जल्द हमारे आयुष स्टार्ट-अप से निकलेंगे।"
जल्द आयेगा आयुष Mark
पीएम मोदी ने इस संबोधन के दौरान कहा कि, "आयुष उत्पादों को प्रमाणिकता देने के लिए भारत जल्द ही आयुष चिह्न पेश करेगा। नवीनतम तकनीक का उपयोग करके जांचे गए उत्पादों को चिह्न दिया जाएगा। इससे दुनिया के लोगों को विश्वास होगा कि वे गुणवत्ता वाले आयुष उत्पाद खरीद रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार आयुष उत्पाद बनाने वाली कंपनियों से किसानों को जोड़ने के लिए आयुष ई-मार्केट पोर्टल के आधुनिकीकरण और विस्तार पर भी काम कर रही है, उन्होंने कहा कि औषधीय पौधे किसानों की आय बढ़ाने का एक अच्छा स्रोत हो सकते हैं।
"इसमें रोजगार सृजन की बड़ी गुंजाइश है। लेकिन हमने देखा है कि ऐसे पौधों और उत्पादों के लिए बाजार सीमित और विशिष्ट हैं। यह बहुत महत्वपूर्ण है कि औषधीय पौधों के उत्पादन में शामिल किसानों को बाजार से आसानी से जुड़ने की सुविधा मिले