जयपुर। भारत की सबसे तेज आंख कहे जाने वाले सैटेलाइट EOS-03 को इसरो सफलतापूर्व कक्षा में स्थापित करने से विफल हो गया। स्वतंत्रता दिवस से ठीक दो दिन पहले भारत के लिए इसरो की तरफ ये यह बुरी खबर आई। इस मिशन के विफलता का कारण इंजन में आई खराबी बताया जा रहा है।
ईओएस 03 की लॉन्चिंग प्रकिया आज सुबह 5 बजकर 43 मिनट पर श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से जीएसएलवी—एफ 10 के जरिए शुरू हुई थी। सैटेलाइट को लॉन्च करने के इसके पहले दो चरण सफल हो गये थे लेकिन, तीसरे चरण के दौरान क्रायोजेनिक इंजन में तकनीकी खराबी हो गई। इस लॉन्चिग को महज 10 सेकेंड पहले टालना पड़ा। इस तरह इसरो ईओएस 03 को अंतरिक्ष की कक्षा में स्थापित करने में नाकाम रहा । भारत के इस उपग्रह को पृथ्वी की निगरानी के लिए अंतरिक्ष में भेजा रहा था। बता दें इससे पहले भारत को एक मिशन 2017 में फेल हुआ था। उसके बाद से अब तक इसरो ने 14 उपग्रह सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में स्थापित किये।
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स मिशन के फेल होने से पहले भारत ने पीएसएलवी सी -51 के माध्यम से एक साथ 19 उपग्रह लॉन्च किये थे। जिसमें ब्राजील का अमेजोनिया उपग्रह भी शामिल था। पीएसएलवी सी -51 अब तक का सबसे ज्यादा सैटेलाइट ले जाना वाला रॉकेट बना। पीएसएलवी सी 51 को भी श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन केंद्र से लॉन्च किया गया था। और इस रॉकेट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर भी बनाई गई थी।
मिशन के फेल होने के बाद इसरो के चीफ के सिवान ने आधिकारिक रूप से घोषणा की और बताया किय मिशन आंशिक रूप से विफल रहा है। और विफलता का कारण क्रायोजेनिक इंजन में खराबी आना बताया।