जयपुर। कर्नाटक में कुछ शिक्षण संस्थानों में हिजाब पर प्रतिबंध को लेकर उठे विवाद को लेकर अब केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान (Arif Mohammad Khan) ने बड़ा बयान दिया हैं। राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान (Arif Mohammad Khan) ने कहा कि, हिजाब इस्लाम की प्रथा का आंतरिक हिस्सा नहीं है। साथह ही उन्होंने सिखों के पगड़ी पहनने और शिक्षण सस्थाओं में हिजाब के प्रतिबंध वाले तर्क को बेतुका बताया। उन्होंने कहा कि सिखों को पगड़ी पहनने की अनुमति है जबकि मुस्लिम महिलाओं को कुछ कॉलेजों और स्कूलों में हिजाब पहनने पर प्रतिबंध लगाया जा रहा है, "बेतुका" है।
राज्यपाल ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि "सिख धर्म में, पगड़ी को धर्म के लिए आवश्यक माना और स्वीकार किया जाता है। दूसरी ओर, महिलाओं की पोशाक के संदर्भ में हिजाब का कुरान में कोई उल्लेख नहीं है।
केरल राज्यपाल ने आरोप लगाया कि युवा मुस्लिम महिलाओं को उनके हिजाब पहनने के अधिकार के लिए विरोध करने के लिए उकसाया जा रहा है। आरिफ मोहम्मद खान (Arif Mohammad Khan) ने कहा कि स्वार्थी लोग मुस्लिम महिलाओं को काले युग में वापस धकेलना"चाहते हैं। राज्यपाल ने विरोध कर रहे छात्र छात्राओं से को सलाह दी है कि वे बाहरी लोगों के बहकावे में न आएं, अपनी पढ़ाई पर ध्यान दें।
बता दें कि युवा मुस्लिम छात्राओं को उडुपी के एक कॉलेज में प्रवेश करने से मना कर दिया जिसके बाद से कर्नाटक में हिजाब विवाद शुरू हो गया। यह मुद्दा पूरे राज्य में फैल गया क्योंकि अधिक कॉलेजों और स्कूलों ने इसी तरह के फरमान जारी किए। छात्रों के विरोधी समूहों ने शैक्षणिक संस्थानों में हिजाब पहनने के अधिकार के खिलाफ और विरोध प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। मुस्लिम लड़कियों का विरोध करने वालों ने भगवा स्कार्फ पहन रखा था।