चिकित्सा के क्षेत्र में कोटा को मिली 16.53 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात

कोटा ( शिवकुमार शर्मा )चिकित्सा एवं जनसम्पर्क मंत्री डॉ. रघु शर्मा और स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल ने कोटा जिले को चिकित्सा के क्षेत्र में नई सौगात देते हुए 16.53 करोड़ रूपये के नवीन कार्यों का लोकार्पण किया। उन्होंने मेडिकल कॉलेज सभागार में कोरोना की संभावित तीसरी लहर की तैयारियों की समीक्षा कर चल रहे विकास कार्यों का भी निरीक्षण किया।
चिकित्सा के क्षेत्र में राजस्थान हुआ अग्रणी । चिकित्सा मंत्री डॉ. शर्मा ने कहा कि पिछले ढाई सालों में चिकित्सा के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य करते हुए राजस्थान देश में अग्रणी पंक्ति में शामिल हुआ है। आधारभूत सुविधाओं में वृद्धि करने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी चिकित्सा सुविधाऐं सुदृढ़ की गई है। उन्होंने कहा कि कोरोना की महामारी से सीख लेते हुए जांच सुविधा में बढ़ोत्तरी की गई है। दवाओं की उपलब्धता के साथ ही भविष्य में संभावित तीसरी लहर को देखते हुए ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट स्थापना में भी ऐतिहासिक कार्य किया गया है। उन्होंनेे कहा कि प्रदेश में आज 70 स्थानों पर 1 लाख 75 हजार आरटीपीसीआर जांच की क्षमता विकसित की जा चुकी है। कोरोना की रिकवरी दर में देश में अग्रणी स्थान पर है, मृत्यु दर सबसे कम है। उन्होंने कहा कि मेडिकल ऑक्सीजन के क्षेत्र में राजस्थान आत्मनिर्भर बनने जा रहा है। 400 स्थानों पर ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट स्थापित करने का कार्य प्रगति पर है। 50 हजार ऑक्सीजन कंसनट्रेटर की खरीद भी की गई है।

चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा एवं यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल ने किए लोकार्पण |

चिकित्सा मंत्री ने कहा कि कोटा में चिकित्सा के क्षेत्र में पिछले ढाई सालों में 350 करोड़ की राशि के नवीन कार्य कराये गये है, 50 करोड़ रूपये की लागत से कुन्हाड़ी में नवीन जिला चिकित्सालय का कार्य भी शुरू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि जेकेलोन अस्पताल में नवीन नीकु वार्ड आधुनिक सुविधायुक्त है, प्रगतिरत् कार्य पूरा होने पर नीकु में 258 बेड की क्षमता तथा पीकु में 263 बेड की क्षमता हो जायेगी तथा आईसीयू के भी 300 बेड हो जायेंगे। उन्होेंने कहा कि एमबीएस व जेकेलोन नवीन ब्लॉक का निर्माण चल रहा है, इनके लिए 8 करोड़ रूपये की लागत के उपकरण भी प्राप्त हो गये है जो शीघ्र शुरू कर दिये जायेंगे।
डॉ. शर्मा ने कहा कि कोटा में शिशु मृत्यु दर के मामलों में चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार के कारण कमी आई है। 2014 में मृत्युदर 7.62 प्रतिशत थी जो 2020 में 6.84 प्रतिशत रही है तथा नवजात शिशु मृत्युदर 19 प्रतिशत से घटकर 17.63 प्रतिशत रह गई है। संभावित तीसरी लहर की तैयारियों के लिए सभी अस्पतालों में आधारभूत सुविधाओं व उपकरणों की उपलब्धता के साथ स्टाफ की नियुक्ति भी प्राथमिकता से की गई है। उन्होंने कोटा में चिकित्सा के क्षेत्र में सुधारात्मक कार्यों एवं कोरोनाकाल में चिकित्सा अधिकारियों द्वारा टीम भावना के साथ किए गऐ कार्यों की सराहना करते हुए भविष्य में भी सेवाभाव से कार्य करने का आव्हान किया।
इलाज के लिए लोगों को बाहर नहीं जाना पड़ेगा-यूडीएच मंत्री
स्वायत्त शासन मंत्री ने कहा कि चिकित्सा के क्षेत्र में कोटा प्रदेश में आधुनिक सुविधाओं युक्त शहर की ओर बढ़ता जा रहा है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राजस्थान में हर जिले में चिकित्सा महाविद्यालय खोलने के साथ ही सब सेंटर तक को मजबूत किया जा रहा है जिससे लोगों को इलाज के लिए बाहर नहीं जाना पड़े। उन्होंने कहा कि कोटा में अब एसएमएस अस्पताल जयपुर के समान चिकित्सा सुविधाऐं मिलने लगेंगी। इससे सम्पूर्ण हाड़ौती सहित मध्यप्रदेश राज्य से आने वाले रोगियों को भी सीधा लाभ मिलेगा।
स्मार्ट सिटी परियोजना में एमबीएस अस्पताल में 120 करोड़ रूपये की लागत से नवीन ब्लॉक निर्माण का कार्य चल रहा है तथा 60 करोड़ की लागत के नवीन कार्य स्वीकृत कर दिये गए है जिसमें 80 कॉटेज वार्ड व 60 आईसीयू वार्ड भी बनेंगे। उन्होंने कोरोनाकाल में चिकित्सकों के द्वारा सेवाभाव की भावना से कार्य किए जाने की सराहना करते हुए कहा कि आज सरकारी अस्पतालों के प्रति आमजन का विश्वास बढ़ा है। यह राजस्थान के भविष्य के लिए अच्छा संकेत है। उन्होंने कहा कि कोटा में आम नागरिकों की मूलभूत सुविधाओं के लिए बजट की कमी नहीं रहेगी। मेडिकल कॉलेज से लेकर दूर-दराज के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र तक ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट एवं आवश्यक उपकरणों की स्थापना का कार्य किया गया है।
इन कार्यों का किया निरीक्षण-
चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा एवं स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल ने एमबीएस अस्पताल में प्रगतिरत् नवीन ब्लॉक के कार्यों का निरीक्षण किया तथा निर्धारित समय पर पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कॉटेज वार्ड के पास प्रस्तावित एमबीएस अस्पताल के विस्तार कार्य का भी अवलोकन किया तथा कोटा के लिए बड़ी उपलब्धी बताया। उन्होंने जेकेलोन अस्पताल के निर्माणाधीन नवीन ब्लॉक एवं नवनिर्मित नीकु वार्ड में जाकर व्यवस्थाओं को देखा। उन्होंने अस्पताल में भर्ती शिशुओं के उपचार के बारे में भी जानकारी ली। मंत्रीगण द्वारा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में किडनी ट्रांसप्लांट यूनिट का भी निरीक्षण कर आधुनिक उपकरणों के बारे में जानकारी ली।
इन कार्यों का लोकार्पण-
मेडिकल कॉलेज में 525 लाख रूपये की लागत की नवनिर्मित एमडीआरयू लेब का लोकार्पण किया इस पर 47.44 लाख रूपये एक वर्ष के संचालन पर व्यय होंगे। 99.75 लाख रूपये लागत की 3 जीवन रक्षक उपकरण युक्त एम्बूलेंस विथ नेगेटिव प्रेशर को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। मेडिकल कॉलेज अस्पताल में ही 800 लाख की लागत से मुख्यमंत्री की बजट घोषणा में नवनिर्मित किडनी ट्रांसप्लांट यूनिट का लोकार्पण किया। सुपर स्पेश्यलिटी चिकित्सालय में 115.94 लाख की लागत से निर्मित ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट का लोकार्पण कर पौधारोपण भी किया।
जेके लोन अस्पताल में 65 लाख रूपये की लागत से नवस्थापित 4-डी कलर डॉप्लर सोनोग्राफी मशीन का फीता काटकर लोकार्पण किया। इससे गर्भ में पल रहे शिशु की विशेष रूप से जन्मजात अंगों की कुरूपता की जांच की जा सकेगी। महिलाओं एवं शिशु से संबंधित रोगों के निदान में सुविधा होगी। इससे मांसपेशियों एवं जोड़ों की सोनोग्राफी भी कराई जा सकेगी।
प्रजेन्टेशन देखा-
मेडिकल कॉलेज सभागार में चिकित्सा मंत्री और स्वायत्त शासन मंत्री ने चिकित्सा के क्षेत्र में हुई प्रगति तथा नवीन विकास कार्यों व कोरोनाकाल में की गई व्यवस्था एवं संभावित तीसरी लहर की तैयारियों की प्रजेन्टेशन के माध्यम से समीक्षा की। प्राचार्य मेडिलक कॉलेज डॉ. विजय सरदाना ने मेडिकल कॉलेज से संबंधित तथा सीएमएचओ डॉ. भूपेन्द्र सिंह तंवर ने ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधाओं से संबंधित जानकारी दी। इस अवसर पर शासन सचिव चिकित्सा शिक्षा वैभव गालरिया, एमडी एनआरएचएम सुधीर कुमार शर्मा सहित मेडिकल कॉलेज के सभी विभागाध्यक्ष एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। जनप्रतिनिधियों में महापौर कोटा उत्तर मंजू मेहरा, दक्षिण राजीव अग्रवाल, यूआईटी के पूर्व अध्यक्ष रविन्द्र त्यागी, पंकज मेहता, सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।