5वें चारा घोटाला मामले में दोषी साबित हुए लालू प्रसाद यादव, 21 फरवरी को सजा सुनाई जायेगी

जयपुर। राजद प्रमुख और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव (lalu prasad yadav) को एक और चारे घोटाले में दोषी पाया गया है। झारखंड के रांची में सीबीआई की विशेष अदालत ने पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को डोरंडा कोषागार से अवैध रूप से ₹ 139.35 करोड़ रूपये निकालने का दोषी पाया है। लालू यादव सहित 39 अन्य लोगों को इस घोटाले में दोषी पाया गया हैं जिन्हें 21 फरवरी को सजा सुनाई जायेगी।

इससे पहले लालू प्रसाद यादव (lalu prasad yadav) चार चार चारे घोटाले में दोषी पाये जा चुके हैं। वहीं एक मामले में लालू प्रसाद को साजिशकर्ता के रूप में नामित किया गया था। न्यायधाीश केसी साक्षी ने जब यह फैसला सुनाया तो लालू प्रसाद कोर्ट में मौजूद थे। इसके अलावा 98 अन्य आरोपी भी शारीरिक रूप से मौजूद थे, जिनमें से 24 को बरी कर दिया गया। बाकी 35 को तीन साल जेल की सजा सुनाई गई, जिसमें पूर्व सांसद जगदीश शर्मा और तत्कालीन लोक लेखा समिति (पीएसी) के अध्यक्ष ध्रुव भगत शामिल हैं।

बता दें कि लालू यादव (lalu prasad yadav) को पहले ₹950 करोड़ चारा घोटाले से संबंधित चार अन्य मामलों में दोषी पाया जा चुका है। जिसमें चाईबासा कोषागार से ₹37.7 करोड़ और ₹33.13 करोड़ की धोखाधड़ी, देवघर कोषागार से ₹89.27 करोड़, और राज्य से दुमका कोषागार से ₹3.76 करोड़ की धोखाधड़ी से निकासी का मामला शामिल है। दुमका मामले में लालू प्रसाद यादव पर ₹ 60 लाख का जुर्माना भी लगाया गया था। इन सभी केसों में कुल 14 साल जेल की सजा सुनाई गई है, लेकिन चार दोषी मामलों में जमानत पर हैं।