जिओ जीवन शान से, सीखो जीवन विज्ञान से

भरतपुर, शारीरिक विकास, मानसिक विकास, बौद्धिक विकास और भावनात्मक विकास तभी पूरी तरह से संभव है, जब जीवन विज्ञान को जीवन में आत्मसात कर ले इसी को ध्यान में रखते हुए अणुव्रत विश्व भारती सोसायटी के तत्वाधान में जीवन विज्ञान विभाग द्वारा आयोजित जीवन विज्ञान विषय के बारे में फ्यूचर पॉइंट एवं अनुपम किड्स एकेडमी पर जीवन विज्ञानं विषय पर कार्यशाला आयोजित की गयी । सगोष्ठी का आयोजन माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया कर्यक्रम की शुरुआत जयपुर से पधारे जीवन विज्ञान ट्रेनर  भगवत सिंह ने विभिन्न आसन समपादासन, ताड़ासन, कोणासन व पादहस्तासन के प्रयोग के साथ की गयी इसी  कड़ी में  कुछ महत्वपूर्ण योगिक  क्रियाएं  मस्तक, आंख, कान, नाक, मुख एवं स्वर यंत्र व गर्दन के प्रयोग कराते हुए कहा कि जीवन विज्ञान जीवन का ऐसा विज्ञान जो प्रत्येक 800 करोड लोगों के लिए एक रूप से लागू होता है।

जीवन विज्ञान जीवन जीने की कला सिखाता है। स्वस्थ समाज रचना के लिए स्वस्थ एवं संतुलित व्यक्तित्व के निर्माण की अपेक्षा है । ।व्यक्तित्व की समग्रता केवल बौद्धिक विकास में नहीं है, जबकि वर्तमान शिक्षा प्रणाली में सर्वाधिक बल इसी पर दिया जा रहा है समग्र विकास के लिए शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक भी आवश्यक है। जीवन विज्ञान बौद्धिक ज्ञान की उपेक्षा नहीं करता परंतु इसके साथ व्यक्तित्व विकास के अन्य आयामो पर भी पर्याप्त बल देने की बात करता है। यह वर्तमान शिक्षा प्रणाली के पूरक के रूप में जुड़कर व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास का स्वास्थ मार्ग प्रशस्त करता है ।अतः शिक्षा की संपूर्णता के लिए यह आवश्यक है कि शिक्षा में जीवन विज्ञान का समावेश हो इसी कड़ी में भरतपुर  ट्रेनर वंदना शर्मा ने महाप्राण ध्वनि, लघु-कायोत्सर्ग, दीर्घश्वास प्रेक्षा, ज्ञान केंद्र प्रेक्षा व संकल्प आदि का प्रयोग करवा कर उपस्थित जनो को लाभों से अवगत कराया और कहा कि जीवन का विज्ञान प्राण शक्ति का संतुलन, जैविक संतुलन की स्थापना,  व्यक्ति की क्षमताओं में विश्वास जगाना एवं शोधन है इसका आमजन को जीवन में अधिकाधिक लाभ लेना चाहिए । इस कार्यक्रम में जीवन जीने के प्रयोग करते समय उपस्थितजनो का उत्साह देखने लायक था । कराये गए जीवन जीने के प्रयोग से काफी सकारातमक प्रयोग रहे  साथ ही उपस्थितजनो ने जीवन में प्रयोग अपनाने का सकल्प लिया ।

इस अवसर पर समाजसेवी सुरेश शर्मा, जनसेवक शुभनेश पारशर, फ्यूचर पॉइंट निर्देशक पवन पाराशर, अनुपम निर्देशिका, नेहा सिंघल, व्यवसायी  दिनेश अनुपम गवाह आदि का सहयोग रहा साथ ऋषि शर्मा,अर्थ बंसल, आकाश श्रीवास्तव, योगिता राजपूत, डोली शर्मा, कनक प्रजापति, तस्वीर कौर, अंकुर श्रीवास्तव, गोविंद सिंह, वर्षा खंडेलवाल, आदया शर्मा, कोमल सोनी, चिराग शर्मा, सोनिया, हर्षित शर्मा, चेष्टा शर्मा, आकाश भारद्वाज, योगेश राजपूत, हेमंत शर्मा, अभिषेक जैन, कृष्णा खंडेलवाल, प्रतीक जैन, उमेश सिंह, कोमल सिंह, मनीषा सैनी, सोनिया कुमारी, बंटी सिंह, बबलू सिंह, प्रशांत सिंह आदि गवाह बने ।