Maharashtra: किसकी होगी शिवसेना पार्टी, सुप्रीम कोर्ट ने फैसले को चुनाव आयोग पर छोडा

जयपुर। एकनाथ शिंदे की पार्टी से बगाबत के बाद शिवसेना दो गुटों में विभाजित हो गई थी। एक उद्धव ठाकरे गुट और दूसरा एकनाथ शिंदे गुट। शिंदे गुट ने भाजपा के साथ गठबंधन करके महाराष्ट्र में अपनी सरकार भी बना ली। और एकनाथ मुख्यमंत्री बन गये। लेकिन पार्टी का असली हकदार कौन सा गुट होगा इस बात पेंच फंस गया और मामला सुप्रीम कोर्ट में चला गया।
आज सुप्रीम कोर्ट ने शिवसेना के एकनाथ गुट को सुप्रीम कोर्ट ने बडी राहत दी है। शिवसेना के सिंबल धुनष और शिवसेना पार्टी पर किसका अधिकार होगा इस बात का फैसला अब सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग पर छोड दिया गया है। चुनाव आयोग के फैसले के बाद स्पष्ट हो जायेगा कि धनुष सिंबल पर कौनसा गुट चुनाव लड सकेगा।

बता दें कि जून 2022 में एकनाथ शिंदे ने शिवसेना के साथ बगावत कर दी थी जिसके बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे फ्लोर टेस्ट का सामना करना पड़ा। जिसके बाद उद्धव ठाकरे अपने बेटों आदित्य और तेजस के साथ-साथ शिवसेना नेताओं नीलम गोरे और अरविंद सावंत और अन्य के साथ, मुंबई के राजभवन में लगभग 11.45 बजे राज्यपाल से मिले और उन्हें इस्तीफा दे दियाथा । कोश्यारी ने इस्तीफा स्वीकार कर लिया और शिवसेना प्रमुख को वैकल्पिक व्यवस्था होने तक मुख्यमंत्री के रूप में कार्य करने के लिए कहा। इस बीच शिवसेना के बागी मंत्री शिंदे ने भाजपा के साथ मिलकर सरकार बनाई और शिंदे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बने।