जयपुर। अंडरवर्ल्ड के साथ संबध रखने ओर उन्हें पैसे देने के के मामले में गिरफ्तार चल रहे महराष्ट्र के मंत्री नबाव मलिक के मामले में विशेष पीएमएलए अदालत के समक्ष प्रवर्तन निदेशालय ने कहा कि आतंकवादी दाऊद इब्राहिम की बहन हसीना पारकर को कुर्ला की हड़पने की जमीन के लिए 5 लाख रुपये नकद का भुगतान किया गया था। ईडी ने कहा कि टाइपोग्राफिक त्रुटि के कारण यह राशि 55 लाख रुपये लिखी गई जो कि असल में 5 लाख है। प्रवर्तन निदेशालय ने दावा किया था कि जमीन का सौदा अपराध की कमाई था क्योंकि मलिक ने पारकर के जरिए दाऊद के आतंकी नेटवर्क को वित्तपोषित किया था।
ईडी ने कहा कि इसके अलावा महाराष्ट्र मंत्री ने मलिक ने कुर्ला में एक और संपत्ति को अवैध रूप से हड़प लिया था। इन सभी तथ्यों के आधार पर महराष्ट्र मंत्री नबाव मलिक और अंडरवर्ल्ड की भूमिकाएं सामने आ चुकी थीं। साथ ही यह पता चलता है कि मलिक ने आतंकवादियों को वित्तपोषित किया गया है।
नबाव के खिलाफ दायर याचिका में कहा गया है, "यह एक संवेदनशील मामला है जिसमें बड़ी मात्रा में अपराध की आय शामिल है, जो स्पष्ट रूप से संगठित अपराध क्षेत्र से उत्पन्न हुई है और इसके बाद के लॉन्ड्रिंग या आतंक के वित्तपोषण के लिए उपयोग की गई है … इस मामले में अंतरराष्ट्रीय प्रभाव भी हैं।"
मलिक 7 मार्च तक ईडी की हिरासत में
एएसजी अनिल सिंह और ईडी के विशेष लोक अभियोजक हितेन वेनेगांवकर ने उपरोक्त तथ्यों के आधार पर ही मलिक को हिरासत में लेने की मांग की। याचिका पर सुनवाई करते हुए विशेष पीएमएलए न्यायाधीश आर के रोकाडे ने कहा कि, नये तथ्यो को ध्यान में रखकर मलिका को 7 मार्च तक ईडी की हिरासत में भेजा जा रहा है।
बता दें कि महाराष्ट्र मंत्री नबाव मलिक को 23 फरवरी को गिरफ्तार किया गया था। मलिक की तबीयत बिगडने पर उन्हें अस्पताल भर्ती करवाया गया। “चूंकि वह 25-28 फरवरी तक अस्पताल में थे, इसलिए उनका बयान दर्ज नहीं किया जा सका।