जयपुर। आज गुरूवार को गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल और राजस्थान सरकार के बीच हुई वार्ता में सरकार ने एमबीसी वर्ग के कई अहम मामलों मे समझौता किया है जिसमें मुख्य कंप्यूटर अनुदेश भर्ती परीक्षा में शिथिलता से जुडा मामला भी शामिल है। समझौते में सरकार ने एमबीसी वर्ग को शिथिलता देने, आने वाली भर्तीयों में बैकलॉग देने की बात मान ली है। इसके अलावा गुजर्र समाज के लोगो पर लंबित पुलिस मामलों को दूर करने के लिए कमेटी का गठन किया जायेगा। समझौते में हुए निर्णयों को गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष विजय बैंसला ने मीडिया के सामने बताया। बैंसला ने कहा कि कुछ पुलिस केस कुछ ऐसे हैं जो जमानती हैं कुछ जमानती नहीं हैं जो जमानती हैं वो जल्द खत्म हो जाएंगे।आज हम खुश हैं ।
वहीं, प्रेस कॉन्फ्रेंस में खेल मंत्री अशोक चांदना ने बताया कंप्यूटर अनुदेशक भर्ती में 40 प्रतिशत की अनिवार्यता के कारण एमबीसी की 400 से सीटें खाली रहीं हैं। इसलिए एससी, एसटी की तर्ज पर शिथिलता देकर 35 प्रतिशत तक किया जायेगा। इसके अलावा आने वाली सभी भर्तीयों में अब बैकलॉग भी दिया जायेगा।
गुर्जर प्रतिनिधिमंडल ने बैठक में कहा है कि पेंडिंग और प्रक्रियाधीन भर्ती को लेकर पहले कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया और न कोई एक्शन लिया गया। चुनाव घोषणा पत्र और पिछले समझौते के मुताबिक सरकार को MBC भर्तियों के लिए बैकलॉग देना था। इस पर मंत्रियों ने कहा कि सरकार इस पूरे मामले पर लीगल राय ले रही है। लीगली और संविधानिक तौर पर किस तरह इसे अमलीजामा पहनाया जाए। जिससे अन्य वर्गों का हित प्रभावित नहीं हो या टकराव की स्थिति पैदा नहीं हो।