अहंकारी हो गये हैं मंत्री धारीवाल- बिल्लू

संवादाता शिवकुमार शर्मा
कोटा

2023 में जनता देगी जवाब- पुटरा
कोटा- नगर निगम कोटा उत्तर के दो निर्दलीय पार्षदो बलविन्दर सिंह बिल्लू व राकेश सुमन पुटरा को स्वायत्त शासन विभाग द्वारा निलम्बित किये जाने के मामले में आज दोनो पार्षदो ने संयुक्त प्रेस वार्ता कर कहाॅ कि यह कार्यवाही मंत्री धारीवाल के इशारे पर की गई है। मंत्री रावण की तरह अहंकारी हो गये हैं। इनका अहंकार जनता 2023 में तोड़ेगी। बलविन्दर सिंह बल्लिू ने प्रेस वार्ता में कहा कि मेरा अवैध खनन से कोई लेना-देना नहीं हैं, चम्बल में अवैध खनन तो वर्ष 2008 से 2013 के बीच कांग्रेस शासन में हुआ था जो पुलिस रिकॉर्ड में भी दर्ज हैं। वहीं अवैध खनन चम्बल रिवर फ्रंट में चल रहे कामो में काम आ रही मिट्टी के लिए मंत्री जी के संरक्षण में उन्हीं के कार्यकर्ता कर रहें हैं। मंत्री जी इस बात की जानकारी भी दे की चम्बल रिवर फ्रंट में काम आ रही मिट्टी कहाॅ से आ रही है। बिल्लू ने कहाॅ कि जब हमारा प्रकरण माननीय न्यायालय में चल रहा हैं तो क्या राज्य का स्वायत्त शासन विभाग न्यायालय से भी बड़कर है। जिसने स्वयं जाॅच कर हमें दोषी करार दे दिया।
वहीं राकेश सुमन पुटरा ने कहाॅ कि मेरा कमला उद्यान कुन्हाडी में पार्क पर अतिक्रमण बताकर निलम्बन किया हैं व मेरे उपर झुठा मुकदमा दर्ज करवाकर मुझे बदनाम करने की कौशिश की जा रही हैं। वहीं जिस खसरा नं. 316 की बात की जा रही हैं वह जमीन आज भी रामलाल माली, रामकरण, ग्यारसीराम नया खेड़ा के खाते में हैं व उस पर उन्हीं का लगभग 50 वर्ष पुराना कमरा बना हुआ था जिसे भी यूआईटी द्वारा मेरा अवैध कब्जा बताकर तोड दिया गया व द्वेशता पूर्ण कार्यवाही करते हुए फंसाया जा रहा है जबकि उक्त पार्क से मेरा कोई लेना-देना नहीं हैं। प्रेस वार्ता में राकेश सुमन पुटरा ने जमीन मालिक रामलाल माली को भी बुलाकर प्रेस से मिलवाया।
बलविन्दर सिंह बिल्लू ने कहाॅ कि अवेध खनन का आरोप तो काग्रेंस विधायक भरत सिंह खुद अपने ही मंत्री पर लगा रहे है। परन्तु राज्य के सरकार उन पर क्यों कार्यवाहीं नहीं कर रही हैं। दोनो पार्षदो ने कहाॅ कि मंत्री हमारी बड़ती लोकप्रियता से घवरा गये हैं। हमारी लोकप्रियता के चलते वो मंत्री रहते हुए भी निगम चुनावो में अपने उम्मीदवारो को नहीं जिता पाये इसी के चलते वो हमारे साथ इस तरह की कार्यवाही कर रहे हैं।
दोनो ने संयुक्त प्रेस बार्ता में कहाॅ कि यदि हम दोषी हैं तो इन्हीं की सरकार मंे बनाये गये सहवरित पार्षद विष्णु मेवाड़ा जिसके खिलाफ अवेध बजरी व मिट्टी सहीत अवेध शराब, गांजा, चरस बेचने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं, सहवरित पार्षद संजय यादव जो शहर जिला कांग्रेस के मंत्री भी हैं। यह प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से नगर निगम के हर निर्माण कार्यो के ठैको में हस्तक्षेप कर ठैकेदारी कर रहा हैं, नदीपार क्षेत्र से कांग्रेस का सहवरित पार्षद जितेन्द्र केवट उर्फ जीतू मच्छी जो पूरी बापू बस्ती में अवेध शराब बेचने के साथ-साथ यूआईटी की सरकारी जमीन पर कब्जा कर बैठा हुआ है जिस कारण बालिता रोड सहित बापू बस्ती की काॅलोनी वासियों के लिए बडे नाले का निर्माण सालो से अटका पडा हैं। और तो और कांग्रेस पार्टी का हारा हुआ प्रत्याशी प्रशांत सिंह हाडा उर्फ टोनी जिसने निगम की बेशकीमती जमीन पर कब्जा कर दुकानों का निर्माण व पार्किंग का निर्माण कर लिया है जिसकी शिकायत स्थानीय निर्दलीय पार्षद बिरबल लोधा द्वारा किये जाने पर भी आज तक कोई कार्यवाही नहीं की गई हैं।
वहीं वार्ड 68 से कांग्रेस पार्षद मोहन लाल मेघवाल ने स्वीटहाॅम काॅलोनी, बालिता रोड में यूआईटी की सरकारी जमीन पर अवैध भूखण्ड लेकर बैठा हुआ हैं इन सबकी जांच मंत्री क्यों नहीं करवा रहे हैं। दूसरी और रेल की पटरी के सहारे नान्ता केनाल पर रेलवे और यूआईटी कोटा की बेशकीमती जमीन पर लगातार कांग्रेसी कार्यकर्ताओं द्वारा कब्जे किये जा रहे हैं इसकी जांच प्रशासन व रेल्वे विभाग क्यों नहीं करवा रहा साथ ही मंत्री जी भी मोन हैं।
दोनो ही पार्षदों ने कहा कि इस फैसले के विरूद्ध माननीय उच्च न्यायालय में जायेंगें उन्होंने कहाॅ कि हमें पूर्ण विश्वास हैं कि हमे न्यायालय से राहत अवश्य मिलेगी।
कोटा उत्तर के सभी पार्षदों व वरिष्ठ नेताओं ने आरोप लगाया कि इस तरह लोकतंत्र की हत्या किया जाना स्वच्छ परम्परा नहीं हैं राजनीति में अहंकार ज्यादा समय तक नहीं चलता हैं।