जयपुर। भारत में मिलने वाले सर्वोच्च खेल पुरस्कार का नाम बदलने शिवसेना ने प्रधनामंत्री सहित भाजपा पर तीखा हमला किया है। शिवसेना ने अपने मुखपत्र 'सामना' में मोदी और शाह पर हमला बोलते हुए कहा है कि अगर राजीव गांधी ने हॉकी स्टिक हाथ में नहीं उठाई तो नरेंद्र मोदी ने क्रिकेट के लिए ऐसा क्या कर दिया जो अपने नाम पर गुजरात के स्टेडियम का नाम रख दिया। साथ ही शिवसेना ने अपने मुखपत्र में यह भी कहा कि किस आधार पर दिल्ली के स्टेडियम का नाम अरूण जेटली नाम रखा था। शिवसेना ने बीजेपी पर बदले की भावना की राजनीति करने का आरोप लगाया है। शिवसेना ने कहा है कि अगर मोदी सरकार को मेजर ध्यानचंद का सम्मान करना था तो राजीव गांधी का अपमान करने की जरूरत कहां थी।बता दें कि केंद्र सरकार ने पिछले सप्ताह राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार का नाम मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार कर दिया था।
सामना ने अपने संपादकीय में लिखा है, ऐसे समय जब पूरा देशवासी टोक्यों ओलंपिक में भारतीय खिलाड़ियों द्वारा मेडल जीतने की आश लगाये बैठे थे उस समय मोदी सरकार राजनीतिक खेल खेल रही थी।
शिवसेना ने कहा है कि सरकार के इस फैसले से जतना की भावनाओं को ठेस पहुंची है। सरकारें बदले और विद्वेष की भावना से नहीं चलतीं, और ये भी एक जनभावना है जिसका ध्यान रखा जाना चाहिए
सामना ने लिखा है जिस व्यक्ति ने देश के लिए बलिदान दिया सरकार को उनका मजाक नहीं बनाना चाहिए। आगे उन्होंने लिख है कि देश की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और राजीव गांधी हत्या आतंकवादियों ने की थी। दोनों ने देश की प्रगति में बड़ा योगदान दिया, अत: सरकार को उनका मजाक नहीं बनाना चाहिए ।