पीएम कुसुम कॉम्पोनेन्ट-ए योजना में देश के सर्वाधिक सोलर प्लान्ट राजस्थान में स्थापित

शिवकुमार शर्मा
कोटा |

राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम द्वारा संचालित पीएम कुसुम कम्पोनेन्ट-ए योजना के तहत राजस्थान के आठवें सौर ऊर्जा संयंत्र से झालावाड जिले की खानपुर तहसील के बाघेर गांव में ऊर्जा उत्पादन प्रारम्भ हुआ।
निदेशक सुनित माथुर ने बताया कि परियोजना की स्थापना के लिए जयपुर विद्युत वितरण निगम तथा कृृषक राम हेतार नागर के मध्य 25 वर्ष की अवधि के लिए विद्युत क्रय अनुबन्ध किया गया हैं। उन्होंने बताया कि परियोजना का निर्माण लगभग 1 हैक्टर भूमि पर किया गया हैं तथा 0.5 मेगावाट क्षमता की इस परियोजना का निर्माण लगभग 2 करोड रूपये की लागत से किया गया हैं। उन्होंने बताया कि पीएम कुसुम-ए योजना अंतर्गत कोटा संभाग एवं झालावाड जिले का प्रथम सौर ऊर्जा संयंत्र है।
प्रमुख शासन सचिव ऊर्जा डॉ. सुबोध अग्रवाल ने अवगत कराया कि राजस्थान सरकार द्वारा बजट घोषणा 2019-20 मे प्रदेष में इस योजना के अन्तर्गत 2600 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था जिसमें से अब तक 722 मेगावाट क्षमता की परियोजनाओं के लिए लेटर ऑफ अवार्ड जारी किये जा चुके हैं।
प्रमुख शासन सचिव ने बताया कि इस प्रोजेक्ट से अनुमानित 9 लाख युनिट विद्युत का उत्पादन प्रतिवर्ष होगा जिसे जयपुर विद्युत वितरण निगम द्वारा रू 3.14 प्रति युनिट की दर पर 25 वर्ष तक क्रय किया जाएगा जिससे संबंधित कृृषक को प्रतिवर्ष लगभग 28 लाख का राजस्व प्राप्त होगा।
उन्होंने बताया कि कुसम कम्पोनेन्ट ए योजना के लिए किसानों के प्रोजेक्ट से उत्पादित बिजली के समयबद्व भुगतान के लिए राजस्थान ऊर्जा विकास निगम द्वारा पृृथक से बैंक अकाउन्ट खोला गया है तथा कृृषकों द्वारा अपने बिजली बिल प्रस्तुत करने के 7 दिवस के भीतर उसका भुगतान किया जा रहा है व साथ में लेटर ऑफ क्रेडिट तथा एसक्रोे अकाउन्ट खोले जाने की भी व्यवस्था की गई है। इन सभी उपायों से किसानों को बैंकों से ऋण प्राप्त करने मे आसानी होगी एवं उसे उत्पादित सौर ऊर्जा का भुगतान भी समय पर प्राप्त होगा।
उन्होंने प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाअभियान ;पीएम कुसुमद्ध योजना भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना हैं जिसके कम्पोनेन्ट ए का राज्य मे क्रियान्वयन राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम द्वारा किया जा रहा हैं। योजना के प्रथम चरण मे कुल 722 मेगावाट क्षमता की परियोजनाएं स्थापित करने के लिए 623 सोर ऊर्जा उत्पादकांे का चयन किया गया हैं।
उन्होंने बताया कि योजना के देष में सर्वाधिक क्षमता 9.5 मेगावाट तथा सर्वाधिक 8 प्रोजेक्ट राजस्थान में ही स्थापित किये गये हैं। जिले में इस योजना के क्रियान्वयन से स्थानीय कृृृषकों की बंजर एवं अनुपयोगी भूमि से आय के नए स्त्रोतों का विकास, स्थानीय स्तर पर रोजगार में वृद्वि, विद्युत वितरण निगमों की विद्युत छीजत में कमी के साथ-साथ राज्य मे प्रदूषण रहित एवं स्वच्छ ऊर्जा के उत्पादन को भी प्रोत्साहन मिलेगा।