संवाददाता सुमेर सिंह राव
उदयपुरवाटी / चंंवरा
श्री कृष्ण गौशाला हीरवाना चंंवरा में बामलास धाम के महंत बाबा लक्ष्मण दास के सानिध्य में चल रही नानी बाई रो मायरो कथा के दूसरे दिन कथावाचक राजेंद्र बजावा के मुखारविंद से शिव प्रसंग में भगवान भोलेनाथ का गोपी रूप बनाकर रास में पहुंचना व नानी बाई का अपने पिता नरसी भक्त के भात न्यूतने का प्रसंग सुनाया गया। कथावाचक ने कहा कि गौ माता की सेवा से बढ़कर कोई पुण्य नहीं है। मनुष्य को गौशाला में गो सेवा की भावना से अपनी श्रद्धानुसार दान करना चाहिए जिससे गौ माता के लिए चारे पानी की व्यवस्था की जा सके। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार भक्त नरसी ने अपनी छप्पन करोड़ की माया भगवान के नाम पर बिना किसी स्वार्थ के जनता में लुटा दी थी उसी प्रकार प्रत्येक मनुष्य को धर्म कर्म करते रहना चाहिए। महाराज ने बताया कि आज कथा में नानी बाई की बेटी सुलक्ष्णा के विवाह का प्रसंग सुनाया जाएगा तथा भक्त नरसी की करुण पुकार पर भगवान श्रीकृष्ण व रुकमणी द्वारा नानी बाई के मायरा भरा जाएगा। इसी के साथ आज शाम को महाआरती के बाद कथा का समापन किया जाएगा। बीच-बीच में श्री श्याम गो सेवा समिति के कलाकारों सांवरमल जांगिड़, रविभेड़ा, उम्रदराज, मुकेश, आनंद द्वारा भजनों की शानदार प्रस्तुतियों ने श्रोताओं का मन मोह लिया। भजनों की ताल पर भक्तगण खुशी से झूम उठे व भक्तों का मन मयूर हो गया। इस दौरान रघुनाथ दास महाराज मोरिंडा धाम, नेमीदास महाराज भादवाड़ी, भक्त झाबरमल देव नारायण धाम हीरवाना, भोलादास पोंख, विश्वनाथ शर्मा रस्यां, शेरसिंह खटाणा, सुभाष सैनी, सुमेर रावत, अध्यापक कैलाश चंद्र शहल, रामकरण गुरुजी, गजराज सिंह शेखावत, सुरेंद्र सिंह शेखावत, अध्यापक हीरालाल, प्रह्लाद बराला, दातार सिंह शेखावत, भाताराम रावत, कन्हैया लाल, बनवारी लाल जांगिड़, रामस्वरूप कुमावत, मनोहर शेखावत, प्रताप सिंह शेखावत, गिरधारी लाल रावत, मुकेश छाबड़ी, सुरेश छाबड़ी, राधेश्याम स्वामी, गोपाल शर्मा, रामचंद्र जांगिड़, महावीर योगी, चौथमल जांगिड़, सुशील शर्मा, जय किशन शर्मा, रामचंद्र स्वामी सहित काफी संख्या में महिला एवं पुरुष उपस्थित रहे।