जयपुर। रूस ने यूक्रेन पर हमला बोल दिया है। दोनों तरफ से जान माल की हानि होने की खबरें आ रही हैं। रूस की इस कार्रवाई पर अधिकतर देशों ने चिंता जताई और आपत्ति जताई है। इस बीच उत्तरी अटालंटिक देशाों के समूह नाटो ने रूस पर कार्रवाई करने का फैसला लिया है। नाटो की बैठक में फैलसा लिया गया कि अब रूस के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी। क्योंकि नाटो सहयोगी देशों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
क्या है नाटो NATO
उत्तरी अटलाण्टिक सन्धि संगठन ( North Atlantic Treaty Organization) एक सैन्य गठबन्धन है, जिसकी स्थापना 4 अप्रैल 1949 को हुई। इसका मुख्यालय ब्रुसेल्स (बेल्जियम) में है। संगठन ने सामूहिक सुरक्षा की व्यवस्था बनाई है, जिसके तहत यदि कोई भी बहारी देश नाटो सदस्य देशों पर हमला करता है तो सभी सदस्य देश उसकी साहयता करेंगे।
अमेरिका ने सेना युक्रेन की तरफ रवाना
खबरों के मुताबिक नाटो द्वारा लिये गये इस फैसले के बीच अमेरिका ने अपनी सेना को यूक्रेन की तरफ भेजना शुरू कर दिया है। अमेरिका की फौज रूसी सैनिकों की मदद करेगी। फिलहाल अमेरिकी सेना लातविया पहुंच चुकी है।
दूसरे देश नहीं करें हस्तक्षेप
नाटो की कार्रवाई के ऐलान के बाद और अमेरिका द्वारा फौज भेजे जाने के बाद भी रूस के राष्ट्रपति पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने स्पष्ट रूप से अन्य देशों को इस मामले में हस्तक्षेप करने के लिए मना कर दिया है। उन्होंने कहा कि दूसरे देश इस मामले में हस्तक्षेप करने की कोशिश न करें।