जयपुर। 21 मार्च को पश्चिमी बंगाल के बीरभूम जिले के बोगटुई गांव में तृणमूल कांग्रेस के नेता और उप प्रधान भादू शेख की हत्या के बाद बीरभूम में हिंसा भड़क गई जिसके बाद जिले में हत्याओं और दुष्कर्मों की खबरें उडाई जा रही हैं। बंगाल हिंसा पर प्रधानमंत्री मोदी सहित राज्य जगदीप धनखड, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा एवं अन्य नेता चिंता व्यक्त कर चुके हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने अपराधियों को कडी से कडी सजा दिलाने के लिए राज्य सरकार से आग्रह किया है।
इस हिंसक मौहल के बीच सोशल मीडिया पर एक खबर आग की तरह फैलायी जा रही है जिसमें 10 हिंदू महिलाओं और 2 हिंदू बच्चों सहित कुल 12 लोगों को जिंदा जलाने का जिक्र किया गया है। एक ट्विटर यूजर ने पोस्ट करते हुए लिखा कि, '10 हिंदू महिलाओं और 2 हिंदू बच्चों सहित कुल 12 लोगों को जिंदा जला दिया गया हैा लेकिन मीडिया को सांप सूंघ गया है…. '
पश्चिम बंगाल पुलिस ने इस ट्वीट का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए कहा कि बीरभूम में किसी हिंदू को जिंदा नहीं जलाया गया है। पुलिस ने इस खबर को फर्जी बताते हुए चेतावनी दी है कि बीरभूम से संबधित कोई भी अगर फर्जी खबरें फैलता है तो पुलिस उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही करेगी।
पश्चिम बंगाल पुलिस ने अपने ट्वीट में चेतावनी देते हुए लिखा, ”बीरभूम में रामपुरहाट के बोगटुई गांव में किसी हिंदू महिला या बच्चे की मौत नहीं हुई है। इस दुखद घटना को साम्प्रदायिक रंग देकर सोशल मीडिया पर फर्जी खबरें प्रसारित करने और पश्चिम बंगाल में सामाजिक अस्थिरता फैलाने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.”