Baran : न हल्दी, न मेहंदी, ना बैंडबाजे मात्र 17 मिनट में शादी, बारां शहर में चर्चा का रहा विषय
संवाददाता विष्णु भारद्वाज
बारां राजस्थान
बारां, 18 अप्रैल। बारां शहर में एक अनोखी शादी हुई, जिसमें न तो कोई बैंड बाजे न ही हल्दी-मेहंदी व कन्यादान रस्म, बड़ी सादगी से यह विवाह सम्पन्न हुआ। गुरुवाणी के माध्यम से मात्र 17 मिनट में लड़का और लड़की एक दूसरे के साथ विवाह बंधन में बंध गए। बारां जिला सेवादार राजेंंद्र दास व हेमदास झालावाड ने बताया कि झालावाड़ रोड स्थित बंधन मैरिज गार्डन में संत रामपाल जी महाराज के सानिध्य में एक दिवसीय विशाल सत्संग समागम हुआ, जिसमें सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और संत रामपाल महाराज के मंगल प्रवचनों का श्रवण किया। इस सत्संग में 1 दहेज रहित विवाह (जिसे संत भाषा रमैनी भी कहा जाता है) भी पूरे बारां शहर में चर्चा का विषय बना रहा। यह विवाह अरविंद दास पुत्र चतुर्भुज दास निवासी छबड़ा, जिला बारां का विवाह, मनभर दासी पुत्री राधेश्याम दास निवासी छीपाबड़ौद बारां से हुआ। इस दहेज मुक्त शादी में ना किसी भी प्रकार की फिजूलखर्ची देखने को मिली, ना कोई बाहरी आडंबर, ना कोई बैंड बाजे, घोड़ी बारात देखने को मिली बल्कि सैकड़ों की संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं के सामने यह दहेज मुक्त विवाह संपन्न हुआ।