संवाददाता शिवकुमार शर्मा
बूंदी |
जिला प्रशासन का महिला सशक्तिकरण के लिए नवाचार
नोबेल शांति पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी की टीम और संबंधित संस्थाओं के सहयोग से आकार लेगा नवाचार |
बूंदी जिले में निवासरत कंजर समुदाय के पिछड़ेपन को दूर करने, बालिकाओं को बेहतर बचपन, उत्कृष्ट शिक्षा एवं सर्वांगीण विकास की राह पर ले जाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा "ऑपरेशन अस्मिता" की शुरुआत की गई है ।इस नवाचार के जरिए नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी की टीम एवं विशेषज्ञ संस्थाओं के सहयोग से विभिन्न विकासोन्मुखी गतिविधियों द्वारा शिक्षा और रोजगार से जोड़कर समाज को मुख्यधारा में लाने का मार्ग प्रशस्त किया जाएगा।
शनिवार को मुख्य सचिव के समक्ष वीसी के माध्यम से जिला कलेक्टर रेणु जयपाल ने "ऑपरेशन अस्मिता" नवाचार का प्रेजेंटेशन दिया।
जिला कलेक्टर ने बताया कि "ऑपरेशन अस्मिता" बूंदी जिले के कंजर समुदाय बहुल क्षेत्रों में शुरू किया जा रहा है। बूंदी के गांव रामनगर से इसकी शुरुआत की जा रही है। हिंडोली के शंकरपुरा तथा इंद्रगढ़ के मोहनपुरा को भी शामिल किया जाएगा। "ऑपरेशन अस्मिता" के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए चरणवार कार्ययोजना बनाई गई है।इसके अंतर्गत विभिन्न संस्थाओं के सहयोग से गतिविधियां की जाएंगी।
ऐसे होगा क्रियान्वयन
चयनित गांवों में चिन्हित परिवारों के लक्षित समूह के साथ विभिन्न स्तरों पर कार्य होगा। नोबेल पुरस्कार प्राप्त सामाजिक कार्यकर्ता श्री कैलाश सत्यार्थी (बचपन बचाओ आन्दोलन के प्रणेता) के सहयोग से प्रभावित क्षेत्रों में जागरूकता गतिविधियां होंगी। शिक्षा से वंचित या ड्रॉपआउट के लिए उनके अनुकूल शैक्षणिक सुविधाएं दी जाएंगी। शिक्षित बेरोजगारों को रोजगार से जोड़ा जाएगा। परिवार के अन्य सदस्यों के साथ काउंसलिंग, जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से ब्रेन वाशिंग कर स्वास्थ्य एवं कैरियर निर्माण के प्रति जागरूक बनाया जाएगा।
परिवार की आजीविका के दृष्टिगत संबंधित विभागों के सहयोग से कौशल विकास एवं रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण दिलवाले जाएंगे।
प्लेसमेंट शिविर लगेंगे, समय-समय पर विभिन्न कंपनियों द्वारा चयनित गांवों के लिए प्लेसमेंट शिविर आयोजित करवाए जाएंगे और शिक्षित बेरोजगारों को रोजगार के अवसर दिए जाएंगे।
खेल प्रतिभाओं को तराशेंगे गत दिनों रामनगर में जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में ली गई ग्राम वासियों की बैठक में गांव में राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय खेल प्रतिभाओं की जानकारी मिली। खेल प्रतिभाओं को अवसर देने के लिए संबंधित क्षेत्रों में खेल मैदानों का विकास किया जाएगा तथा खेल सुविधाएं एवं आवश्यक प्रशिक्षण की सुविधा दी जाएंगी।
स्वरोजगार के लिए देंगे प्रशिक्षण समुदाय की महिलाओं के स्वयं सहायता समूह गठित रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण दिलवाया जाएगा तथा स्वरोजगार शुरू करवाए जाएंगे।
इन संस्थाओं का रहेगा सहयोग
नवाचार के क्रियान्वयन में नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी की टीम के साथ बाल कल्याण समिति, चाइल्ड लाइन अन्य अनुभवी विशेषज्ञ संस्थाओं एवं व्यक्तियों की मदद ली जाएगी। जिला प्रशासन के विभिन्न विभागों एवं संस्थाओं का भी सहयोग रहेगा। राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं से ग्रामीणों को लाभान्वित किया जाएगा।
"बूंदी जिले के कुछ गांवों में देह व्यापार की कुरीति का अंत कर समाज को जागरूक, शिक्षित कर मुख्यधारा में लाने के लिए समन्वित प्रयासों से "ऑपरेशन अस्मिता" की शुरुआत की जा रही है। नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी की टीम, जिला प्रशासन के विभिन्न विभाग एवं अन्य संस्थाओं के सहयोग से यह नवाचार क्रियान्वित किया जाएगा ताकि प्रभावित बालिकाओं तथा पूरे परिवार व समाज को नई दिशा मिल सके। जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न विभागों के सहयोग से आवश्यक सुविधाएं एवं संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। राज्य सरकार स्तर पर भी संसाधनों के लिए प्रस्ताव भेजे जाएंगे।"
रेणु जयपाल जिला कलेक्टर बूंदी |