जयपुर। बंगाल में स्कूल भर्ती घोटाले में गिरफ्तार किये गये बंगाल के कैबिनेट मंत्री पार्थ चटर्जी को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंत्री पद से बर्खास्त कर दिया है। चटर्जी से सभी पद छीन लिये गये हैं। आज गुरूवार को बंगाल कैबिनेट की बैठक में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने यह कडा फैसला लिया। चटर्जी के पास से उद्योग व संसदीय कार्य विभाग एवं आइटी एंड इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग छीन लिया गया है। इस संबंध में नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया गया है। फिलहाल ममता बनर्जी ने ये सभी विभाग अपने पास रखे हैं।
ममता के भतीजे तृणमूल महासचिव अभिषेक बनर्जी कैबिनेट की बैठक के बाद इस फैसले की घोषणा की और कहा कि जांच पूरी होने तक पार्टी के भी सभी पदों से पार्थ चटर्जी हटाए दिये गये हैं।
गौरतलब है कि हाल ही में ईडी के छापेमारी में पूर्व भिनेता.मॉडल और मंत्री की करीबी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी के घर से 21 करोड़ रुपये नकद मिले थे। जिसके बाद ईडी ने अर्पिता मुखर्जी और पार्थ चटर्जी को गिरफ्तार कर लिया था।
सूत्रों का कहना है कि अर्पिता मुखर्जी ने प्रवर्तन निदेशालय को बताया है कि एक कमरे में सारा पैसा जमा हो जाता था जिसमें केवल पार्थ चटर्जी और उनके लोग ही प्रवेश करते थे।
सूत्रों का कहना है कि उन्होंने दावा किया कि मंत्री हर हफ्ते या हर 10 दिन में उनके घर आता था। अर्पिता मुखर्जी ने कथित तौर पर जांचकर्ताओं को बताया पार्थ ने मेरे और दूसरी महिला के घर को मिनी बैंक के रूप में इस्तेमाल किया। वह दूसरी महिला भी उसकी करीबी दोस्त है।
सूत्रों के अनुसार अर्पिता ने दावा किया कि मंत्री ने कभी यह नहीं बताया कि कमरे में कितने पैसे थे। अर्पिता मुखर्जी ने उन्हें बताया कि उन्हें पार्थ चटर्जी से एक बंगाली अभिनेता ने मिलवाया था और दोनों 2016 से करीब थे।
सूत्रों का दावा है कि उसने स्वीकार किया कि यह पैसा तबादलों के लिए और कॉलेजों को मान्यता दिलाने में मदद करने के लिए प्राप्त रिश्वत से आया था। और यह कि पैसा हमेशा दूसरों द्वारा लाया जाता था। मंत्री कभी भी पैसा नहीं लाते थे।