प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वीसी के माध्यम से किया संबोधन
-पीएम-जनमन के तहत सहरिया जनजाति के 13 हजार 390 लाभार्थियों को पहली किस्त की जारी
बारां, 15 जनवरी। प्रधानमंत्री आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) योजना के तहत सोमवार को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, समरानियां पंचायत समिति शाहबाद में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पीएम श्री नरेन्द्र मोदी ने संबोधन किया। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वीसी के माध्यम से संबोधित करते हुए कहा कि इस समय देश में उत्सव का माहौल है। आज उनके बैंक खाते में पक्के घर के लिए पैसे ट्रांसफर किए जा रहे हैं। मैं इन सभी परिवारों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं। पीएम ने कहा कि आज से आपके घरों का काम शुरु होने जा रहा है। मुझे विश्वास है कि इस साल की दीपावली आप अपने घरों में जरूर मनाएंगे। तो जल्दी से जल्दी मकान का काम कीजिए, बीच में बारिश आ जाए तो भी अभी से तैयारी कर लिजिए। पक्का कर लिजिए कि इस बार दिवाली अपने पक्के, नए घर में मनानी है। देखिए, अभी कुछ दिनों के बाद 22 जनवरी को रामलला भी अपने भव्य और दिव्य मंदिर में हमें दर्शन देंगे। और मेरा सौभाग्य है कि मुझे अयोध्या में बन रहे राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा में बुलाया है, तो ये आप सबके आशीर्वाद से ऐसा सौभाग्य मिलता है। इन दिनों, ये जब इतना बड़ा काम है, आपने इतना बड़ा मुझे दायित्व दिया है, तो मैंने भी 11 दिन व्रत-अनुष्ठान का एक संकल्प किया हुआ है, श्री राम का ध्यान स्मरण कर रहा हूं। और आप तो जानते ही है, जब आप प्रभु राम का स्मरण करेंगे तो माता शबरी की याद आना बहुत स्वाभाविक है।
इसी कड़ी में आज आप सभी अति-पिछड़े जनजातीय भाई-बहनों को पक्के मकान देने की शुरुआत हुई है। अभी इस कार्यक्रम में एक लाख जनजातीय लाभार्थियों के बैंक खातों में पक्के घर बनाने के लिए सरकार ने सीधे पैसे ट्रांसफर किए हैं। आपको अपना घर बनाने के लिए लगभग एक-एक घर के लिए ढाई लाख रुपए सरकार से मिलेंगे। और हां, बस घर ही नहीं मिलेगा, इतने से बात रूकने वाली नहीं है, बिजली का कनेक्शन मिलेगा ताकि आपके बच्चे पढ़ सकें, आपके सपने पूरे हो सकें। आपके नए घर में साफ पानी की व्यवस्था हो ताकि कोई बीमारी हमारे घर में ना आए, और वो कनेक्शन भी मुफ्त दिया जाएगा। माताओं बहनों को बाहर खुले में शौच जाना पड़ता है, उनके लिए वो कितनी मुसीबत होती है, अंधेरे का इंतजार करना पड़े, सुबह सूरज निकलने से पहले जाना पड़े, और सम्मान को भी चोट पहुंचे। हर मेरी माताओं-बहनों को सम्मान मिले इसलिए हर घर में शौचालय भी होगा। खाना बनाने के लिए रसोई गैस का कनेक्शन भी होगा। और ये सब कुछ मकान तो मिलेगा ही, साथ-साथ ये व्यवस्थाएं भी मिलेंगी। और मेरी माताएं-बहने जरा सुनिए ये तो अभी शुरूआत हुई है। आज 1 लाख लाभार्थियों को अपने घर का पैसा मिला है। एक-एक कर हर लाभार्थी तक, चाहे वो कितनी भी दूर क्यों ना हो, हमारी सरकार उस तक जरूर पहुंचेगी। और ये जब मैं कह रहा हूं तो मैं फिर एक बार आपको कहता हूं ये मोदी की गारंटी है। और आज मैं इस कार्यक्रम के माध्यम से आप सबको, हर अति-पिछड़े जनजातीय लाभार्थी को एक और भरोसा देना चाहता हूं। आपको अपना घर बनाने के लिए, इसका पैसा पाने के लिए किसी को भी एक भी रुपए नहीं देना है। कोई भी आपसे पैसे मांगे, तो पैसा केंद्र सरकार भेज रही है उसमें से हिस्सा मांगे, तो आप एक भी रुपया किसी को मत देना।
उन्होंने कहा कि सरकार आप तक पहुंचे, सरकार की योजनाएं अति-पिछड़े मेरे जनजातीय भाई-बहन तक पहुंचें, यही पीएम जनमन महाअभियान का उद्देश्य है। और सिर्फ 2 महीने में ही पीएम जनमन महा-अभियान ने वो लक्ष्य हासिल करने शुरू कर दिए हैं, जो पहले कोई नहीं कर सका। मुझे याद है जब ठीक दो महीने पहले भगवान बिरसा मुंडा की जन्मजयंती पर सरकार ने ये अभियान शुरू किया था, तो हम सबके सामने चुनौती कितनी बड़ी थी। हमारे अति-पिछड़े मेरे जनजातीय साथी, जो दूर-सुदूर जंगलों में रहते हैं, जो दूर ऊंचे पहाड़ों पर मुश्किल परिस्थितियों में रहते हैं, जो बॉर्डर के, सीमा के क्षेत्रों में रहते हुए दशकों से विकास का इंतजार कर रहे हैं, जिन तक पहुंचना भी सरकारी मशीनरी के लिए बहुत कठिन होता है, उन लोगों तक पहुंचने के लिए इतना बड़ा अभियान हमारी सरकार ने शुरू किया है। और मैं जिले के सभी सरकारी अधिकारी, राज्यों के सरकारी अधिकारी उन सबको सच्चे दिल से बहुत बधाई देता हूं कि इतना बड़ा काम जो 75 साल तक हम नहीं कर पाते थे, अफसरों ने मन बना लिया, मेरी बात का साथ दिया और आज गरीब के घर दिवाली की संभावना पैदा हुई है। देश में बहुत से लोग कल्पना तक नहीं कर सकते कि हमारे ये भाई-बहन कितनी कठिनाइयों में रहते हैं। प्रदूषित पानी की वजह से आप लोग कैसी-कैसी बीमारियों का शिकार होते हैं, आपके बच्चों पर संकट रहा है, इस पर जितना ध्यान देना चाहिए, उतना नहीं दिया गया। बिजली नहीं होने से कभी सांप, कभी बिच्छू, कभी जंगली जानवर का खतरा...गैस कनेक्शन ना होने से रसोई में लकड़ी के धुएं से होने वाला नुकसान...गांव तक सड़क ना होने से कहीं पर भी आना-जाना बहुत बड़ा सिरदर्द होता था।
इस संकट, इस परेशानी से ही तो मुझे अपने इन गरीब जनजातीय भाई-बहनों को बाहर निकालना है। अब ऐसी मुसीबतों में आपके मां-बाप को रहना पड़ा, आपके पूर्वजों को रहना पड़ा, मैं आपको ऐसी मुसीबत में रहने नहीं दूंगा। आपके आने वाले पीढ़ी के लिए भी ऐसी मुसीबत में जीना पड़े ये स्थिति हमें मंजूर नहीं है। और आप जानते हैं, इस अभियान का नाम जनमन क्यों रखा गया है? जन मतलब आप सभी जनता जनार्दन...जो मेरे लिए ईश्वर का रूप है। आप सभी जनजातीय भाई-बहन और मन यानि आपके मन की बात। अब मन मारकर नहीं रहना है, अब आपके मन की बात पूरी होगी और इसके लिए सरकार ने भी मन बना लिया है, ठान लिया है। इसलिए सरकार, पीएम जनमन महा-अभियान पर 23 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च करने जा रही है
उन्होंने कहा कि हमारे देश का विकास तभी हो सकता है जब समाज में कोई छूटे नहीं, हर किसी तक सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचे। हमारे अति-पिछड़े जनजातीय समुदाय के भाई-बहन देश के करीब-करीब 190 जिलों में रहते हैं। सिर्फ दो महीने के भीतर सरकार ने ऐसे 80 हजार से ज्यादा अति-पिछड़े मेरे जनजातीय परिवारजन, मेरे भाई-बहनों को खोज कर के उन्हें आयुष्मान कार्ड दिया, जो अब तक उन तक पहुंचा ही नहीं था। इसी तरह सरकार ने अति-पिछड़े जनजातीय समुदाय के करीब 30 हजार किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि से जोड़ा है। इस अभियान के दौरान 40 हजार ऐसे साथी भी मिले, जिनके पास अब तक बैंक खाता ही नहीं था। अब सरकार ने इनके बैंक खाते भी खुलवाए है। ऐसे ही 30 हजार से ज्यादा वंचितों को किसान क्रेडिट कार्ड दिए गए हैं, करीब 11 हजार को वन अधिकार एक्ट के तहत जमीन के पट्टे दिए गए हैं। और ये आंकड़े अभी पिछले दो महीनों के ही हैं। अभी तो हर दिन इस संख्या में वृद्धि हो रही है। सरकार पूरी ताकत लगा रही है कि हमारे अति-पिछड़े जनजातीय भाई-बहनों तक सरकार की हर योजना जल्द से जल्द पहुंचे। मेरा कोई अति-पिछड़ा भाई-बहन अब सरकार की योजना के लाभ से छूटेगा नहीं। मैं आपको ये विश्वास दिलाता हूं और ये मोदी की गारंटी है। और आप जानते हैं कि मोदी की गारंटी यानि गारंटी पूरा होने की गारंटी।
आज देश में वो सरकार है जो सबसे पहले आप के बारे में, आप जैसे मेरे गरीब भाई-बहनों के बारे में, दूर-सुदूर जंगलों में रहने वाले मेरे भाई-बहनों के बारे में सोचती है। आज देश में वो सरकार है जो गरीबों की मुश्किलें कम करने के लिए काम करती है। जिनके पास कुछ नहीं है सबसे पहले हम उनके सुख-दुख की चिंता कर रहे हैं, जिसका कोई नहीं मोदी उसके लिए खड़ा है। पहले सरकारी योजनाओँ से जुड़े नियम इतने कठिन होते थे कि योजनाओं का पैसा और योजनाओं का लाभ आप तक पहुंच ही नहीं पाता था। और एक दिक्कत ये थी कि योजना कागजों पर चलती रहती थी और असली लाभार्थी को ये पता ही नहीं चलता था कि ऐसी कोई योजना शुरू भी हुई है। जिसको योजना का पता चल भी जाता था, उसे लाभ पाने के लिए कितनी मुश्किलें आती थीं। यहां अगूंठा लगाओ, फलाने के साइन लाओ.. ये पर्चा दिखाओ, आज नहीं कल आओ...ना जाने क्या-क्या सुनना पड़ता था। अब पीएम जनमन महाअभियान में हमारी सरकार ने ऐसे सभी नियम बदल दिए हैं जिससे आपको परेशानी होती थी। पिछड़ी जनजातियों के गांवों तक आसानी से सड़क बने, इसके लिए सरकार ने पीएम ग्राम सड़क योजना के नियम बदल दिए। जब सड़कें बनती हैं तो स्कूल जाना भी आसान हो जाता है। बीमारी के समय कोई मुसीबत आ जाए, अस्पताल पहुंचना है तो अगर रास्ता है तो जिंदगी बच जाती है। सरकार ने मोबाइल मेडिकल यूनिट से जुड़ा नियम भी बदल दिया। पिछड़ी जनजातियों के हर परिवार तक बिजली पहुंचे, इसके लिए विशेष तौर पर उन्हें सौलर पावर वाले कनेक्शन दिए जा रहे हैं। आपके क्षेत्र में युवाओं को, दूसरे लोगों को तेज इंटरनेट कनेक्शन मिलता रहे, इसके लिए सैकड़ों नए मोबाइल टावर लगाए जा रहे हैं।
समरानियां में आयोजित लाभार्थी संवाद में बारां जिले के सहरिया जनजाति के प्रधानमंत्री आवास 13 हजार 390 आवास स्वीकृत कर जारी कर 90 हजार रूपए की प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा बटन दबाकर बैंक खातों में राशि स्थानानंतरण की।
इस अवसर पर जनजाति क्षेत्रिय विकास केबिनेट मंत्री बाबूलाल खराड़ी, सांसद दुष्यंत सिंह, विधायक प्रताप सिंह सिंघवी, विधायक कंवरलाल मीणा, विधायक राधेश्याम बैरवा, विधायक ललित मीणा, टीएडी सचिव जोगाराम, संभागीय आयुक्त डां. प्रतिभा सिंह, टीएडी आयुक्त सुश्री प्रज्ञा केवल रमाणी, जिला कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर, उपजिला प्रमुख छीतरलाल मेघवाल, एडीएम एसएन आमेटा, जिला परिषद सीईओ कृष्णा शुक्ला सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहें।