दिल्ली हनुमान जयंती रैली में पर पथराव करने वाले 14 दंगाईयों को पुलिस ने किया गिरफ्तार

जयपुर। कल रात हनुमान जयंती के अवसर पर निकाली गई रैली पर दंगाइयों ने पथराव कर दिया जिससे दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में दो समुदाय के लोग आपस में भिड और हिंसा भड़क गई। पुलिस ने कहा कि पथराव और उसके बाद हुई झड़प में आठ पुलिसकर्मियों और एक नागरिक सहित नौ लोग घायल हो गए।
सब इंस्पेक्टर घायल
घायलों में दिल्ली पुलिस के सब-इंस्पेक्टर मेधालाल मीणा भी शामिल हैं। उनके हाथ में गोली लगी है। पुलिस ने कहा कि उसकी हालत स्थिर है। कथित तौर पर गोली चलाने वाले असलम को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उसके पास से एक देशी पिस्तौल भी बरामद हुई है।

फुटेज और वीडियो के आधार पर 14 गिरफ्तार
पुलिस ने पथराव और हिंसा के मामले में 14 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि दंगाइयों की सोशल मीडिया, सीसीटीवी फुटेज और वीडियो का इस्तेमाल कर और संदिग्धों की पहचान की गई है और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।

पुलिस ने दंगा, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की जांच के लिए क्राइम ब्रांच और स्पेशल सेल के अधिकारियों की दस टीमों का गठन किया गया है।
रैली एक मस्जिद के पास से गुजर रही थी, तभी गिरफ्तार आरोपियों में से एक अंसार ने रैली में भाग लेने वालों के साथ कथित रूप से बहस करना शुरू कर दिया। प्राथमिकी में कहा गया है कि विवाद जल्द ही बढ़ गया और दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर पथराव शुरू कर दिया।
स्थानीय निवासी नूरजहां ने कहा कि यह पहली बार है जब इलाके में किसी हिंदू धार्मिक रैली में हथियार डाले गए। उसने इन आरोपों को खारिज कर दिया कि हिंसा मस्जिद से शुरू हुई थी। रैली में भाग लेने वालों में से एक राकेश ने कहा कि जब पथराव शुरू हुआ तो वे शांति से आगे बढ़ रहे थे और उन्होंने जवाबी कार्रवाई की।