जयपुर। राजयनिक प्रदीप कुमार रावत को विदेश मंत्रालय ने चीन में अगला राजदूत नियुक्त कर दिया है। विदेश मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि मंदारिन भाषी करियर राजनयिक प्रदीप कुमार रावत बीजिंग में दूत के रूप में पदभार संभालेंगे।
इससे पहले चीन में विक्रम मिश्री भारत के राजदूत का पद संभाल रहे थे जिनका कार्यकाल इस महिने की शुरूआत में पूरा हो गया था। अब मिश्री के स्थान पर प्रदीप कुमार रावत को नया राजदूत चुना गया है।
प्रदीप रावत ऐसे समय पर चीन में राजदूत का पद संभाल रहे हैं जब दोनों देशों के बीच सीमा पर तनाव बना हुआ है। बता दें कि अप्रैल 2020 से चीन की सेना के द्वारा गलवान घाटी में भारतीय सेना पर हमला कर किया था तब से एलएससी पर तनाव और ज्यादा बढ़ गया है। और अभी तक मामला अनसुलझा रहा है तथा दोनों पक्षों के हजारों सैनिक अभी भी अग्रिम इलाकों में तैनात हैं।
हालांकि प्रदीप रावत के लिए सीमा पर तनाव होना कोई नई बात नहीं है। इससे पहले रावत ने 2014 से 2017 तक MEA में संयुक्त सचिव के रूप में कार्य कर चुके हैं जहां उन्होंने चीन की नीतियों को भली भांति संभाला था।
प्रदीप रावत का सफर
1990 में विदेश सेवा में शामिल होने के बाद, प्रदीप रावत ने अपनी विदेशी भाषा के रूप में मंदारिन को चुना और एक आधिकारिक प्रोफ़ाइल के अनुसार, पहले हांगकांग और फिर बीजिंग में 1992 और 1997 के बीच सेवा की। उन्होंने वहां अपने पहले कार्यकाल के बाद चीन के साथ व्यवहार करना जारी रखा, तीन साल के लिए पूर्वी एशिया डिवीजन में काम पर लौट आए।
रावत का 2003 में बीजिंग में दूसरा चार साल का कार्यकाल था पहले उन्होंन काउंसलर के रूप में काम किया और फिर मिशन के उप प्रमुख के रूप में काम किया।