जयपुर। राष्ट्रपति चुनाव 2022 के लिए मतगणना शुरू हो चुकी हैं। भारत को जल्द ही पता चल जाएगा कि राम नाथ कोविंद की जगह कौन देश का 15वां राष्ट्रपति बनेगा। आदिवासी नेता द्रौपदी मूर्म के भारत के 15वें राष्ट्रपित बनने की सबसे प्रबल संभावना है। मूर्म याशवन्त सिंहा पर आसानी जीत दर्ज करती हुई नजर आ रही हैं।
विभिन्न दलों द्वारा दिए गए समर्थन के चलते, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू की इस चुनाव में विपक्ष के यशवंत सिन्हा पर स्पष्ट बढ़त है। निर्वाचित होने पर मुर्मू देश में शीर्ष संवैधानिक पद पर काबिज होने वाली पहली आदिवासी महिला बन जाएंगी। बता दें कि राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान सोमवार को संपन्न हुआ, जिसमें 771 सांसदों और 4,025 विधायकों सहित 4,796 योग्य मतदाताओं में से 99 प्रतिशत से अधिक ने भाग लिया।
राष्ट्रपति चुनाव में मतगणना के बीच, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा: "न केवल आदिवासी, बल्कि देश में सभी को पहली महिला आदिवासी राष्ट्रपति होने पर गर्व की भावना होगी। मैंने सीखा है कि सभी प्रमुख आदिवासी नेता राष्ट्रपति बनने की संभावना वाले नए लोगों का अभिवादन करने के लिए दिल्ली आ रहे हैं।"
ऐसे चुना जाता है कि भारत का राष्ट्रपति
संविधान के अनुसार देश भर के निर्वाचित विधायक और सांसद भारत के राष्ट्रपति के चुनाव के लिए मतदान करेते हैं। एक आनुपातिक प्रणाली से राष्ट्रपति का चुनाव किया जाता है। राष्ट्रपति का चुनाव एक निर्वाचक मंडल द्वारा किया जाता है जिसमें संसद के दोनों सदनों के सांसद और राज्यों और दिल्ली और पुडुचेरी के विधायक शामिल होते हैं। राज्यसभा, लोकसभा और विधानसभाओं के मनोनीत सदस्य और राज्य विधान परिषदों के सदस्य निर्वाचक मंडल का हिस्सा नहीं हैं। संविधान के अनुच्छेद 62(1) के तहत, "राष्ट्रपति के पद के कार्यकाल की समाप्ति के कारण हुई रिक्ति को भरने के लिए चुनाव कार्यकाल की समाप्ति से पहले पूरा किया जाएगा"। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का कार्यकाल 25 जुलाई को समाप्त हो रहा है।