जयपुर। कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने आज दिल्ली स्थित जवाहर भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में दलितों पर खिली गई एक किताब 'द दलित ट्रूथ: द बैटल्स फॉर रियलाइजिंग अंबेडकर्स विजन' का विमोचन किया। इस दौरान राहुल गांधी ने देश की जनता का उनके साथ बर्ताव का जिक्र किया। साथ ही उन्होंने गुजरात में 2016 में एक दलित नौजवान के साथ हुई मारपीट का भी जिक्र किया।
देश ने मुझे जूते भी मारे और प्यार भी दिया
राहुल गांधी ने इस कार्यक्रम के दौरान कहा कि इस देश की जनता ने मुझे जितना प्यार किया है उससे कहीं ज्यादा जूते भी मारे हैं। उन्होंने कहा कि आप सोच नहीं सकते की जनता ने मुझे कितना मारा पीटा है। राहुल ने कहा कि फिर मैने सोचा कि मेरे साथ ऐसा क्यूं हो रहा है? तो मुझे समझ आया कि देश मुझसे सीखना चाहता है। देश मुझे कह रहा है कि तुम सीखो, समझो।
वहीं, राहुल गांधी ने इस किताब के विमोचन के दौरान गुजरात के ऊना में दलित युवक के साथ हुई हिंसा का जिक्र किया। राहुल ने दलित नौजवानों को कहा कि अगर उस समय पर मैं हमलावरों के सामने होता तो उन्हें मारकर के बाद आत्महत्या करता। राहुल ने कहा कि 'जब मैं पीड़ित के पिता से मिला और उकना हाथ थामा तो वे कांप रहे थे। तब मैने उनसे कहा कि मैं उनके साथ हूं। राहुल ने बताया कि उन्होंने उस समय ICU पहुंच कर पीड़ितों से बात की। उन्होंने बताया कि राहुल जी हमें पता चला की हमारे भाई से मारपीट हुई है, लेकिन हम कुछ कर नहीं सकते थे तो हमने गुस्से में जहर पी लिया।
बता दें कि 11 जुलाई, 2016 को गुजरात के ऊना में गाय की हत्या के मामले में तथाकथित गोरक्षों ने दलित युवकों की बेरहमी से पिटाई कर दी गई। इसका विरोध करने के लिए 17 दलित नौजवानों ने आत्महत्या करने की कोशिश की थी।