राजस्थान ने सूर्य नमस्कार में बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड

-88 हजार स्कूलों के 1.14 करोड़ विद्यार्थियों ने लिया भाग

राज्य के स्कूलों में आज गुरुवार को सूर्य सप्तमी के अवसर पर सूर्य नमस्कार के सामूहिक अभ्यास का वर्ल्ड रिकॉर्ड बन गया। प्रदेश के करीब 88 हजार स्कूलों के 1.14 करोड़ से अधिक विद्यार्थियों ने सूर्य नमस्कार किया। विद्यार्थियों सहित 1.33 करोड़ से ज्यादा लोगों ने इसमें भागीदारी निभाई। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने सभी प्रतिभागियों और विभाग की पूरी टीम को बधाई दी है।


वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉड्‌र्स, लंदन के राजस्थान एडिशन ने इस रिकॉर्ड को मान्यता प्रदान की है। जयपुर के इंदिरा गांधी पंचायती राज संस्थान में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को विश्व रिकॉर्ड का प्रोविजनल सर्टिफिकेट सौंपा गया। यह सर्टिफिकेट वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉड्‌र्स, लंदन के वाइस प्रेसिडेंट प्रथम भल्ला ने प्रदान किया ।

राज्य के सभी सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों में सुबह 10.30 से 11 बजे की अवधि में एक ही समय पर एक साथ सूर्य नमस्कार का अभ्यास किया गया। प्रदेश के 66 हजार 990 सरकारी स्कूलों में 64 लाख 30 हजार 277 तथा 21 हजार 984 गैर सरकारी स्कूलों के 50 लाख 39 हजार 637 विद्यार्थियों ने सूर्य नमस्कार किया। सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों सहित 77 लाख 63 हजार 374 तथा गैर सरकारी स्कूलों में 55 लाख 87 हजार 515 लोग इन आयोजनों में शा​मिल हुए।

शिक्षा मंत्री ने चौगान स्टेडियम में किया सूर्य नमस्कार

जयपुर के चौगान स्टेडियम में हुए मुख्य सूर्य नमस्कार कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर सहित कई नेताओं ने सूर्य नमस्कार किया। दिलावर ने कार्यक्रम में कहा कि प्रदेश में कभी भी इसे लेकर विरोध नहीं है। अब रोज स्कूलों में सूर्य नमस्कार होगा।

 दिलावर ने कहा-हमारे पास ऐसी कोई सूचना नहीं है कि किसी स्कूल में सूर्य नमस्कार नहीं हुआ हो। अगर किसी स्कूल में सूर्य नमस्कार नहीं हुआ होगा तो उन पर हम कार्रवाई करेंगे।चौगान स्टेडियम में हुए कार्यक्रम में गणगौरी बाजार, महाराजा छोटी चौपड़ स्कूलों के अलावा आसपास के विद्यालयों के विद्यार्थी सामूहिक सूर्य नमस्कार में शामिल हुए।

विधानसभा अध्यक्ष देवनानी ने यहां किया सूर्य नमस्कार

अजमेर में करीब 2000 स्कूलों के 3 लाख विद्यार्थियों ने सूर्य नमस्कार किया। शिक्षा विभाग की ओर से जिला स्तरीय सूर्य नमस्कार कार्यक्रम अजमेर के तोपदड़ा स्कूल में आयोजित किया गया। इसमें विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी भी शामिल हुए।
मुस्लिम भाइयों ने दी है बधाई-दिलावर

सूर्य नमस्कार के विरोध के मसले पर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा- जो भी भारत में रहते हैं, भारत माता मानकर यहां रहते हैं, मुस्लिम समाज के द्वारा इसके विरोध की बातें कही जा रही हैं, लेकिन मैं जब इस कार्यक्रम में शामिल होने आ रहा था तब कई मुस्लिम भाइयों के फोन आए और उन्होंने इस ऐतिहासिक कार्यक्रम के लिए बधाई दी।सब लोग एक साथ इस फैसले का स्वागत कर रहे हैं।

दिलावर ने कहा कि सूर्य नमस्कार सभी योगों का योग है, इस आसन के जरिए हम सूर्य भगवान की आराधना करते हैं। सरकारी स्कूल में तो सूर्य नमस्कार करना होगा, नियम को मानना ही होगा। जो इसका विरोध करते हैं वे काल कोठरी में चले जाएं।