जयपुर। प्रदेश में बेरोजगारी का आलम इस कदर है कि प्रदेश में विभिन्न 48 हजार पदों पर 78 लाख आवेदन आ चुके हैं। पूरे भारत में राजस्थान बेरोजगारी के मामले में दूसरे नंबर पर है।
हाल ही जारी की गई बेरोजगारी रिर्पोट के अनुसार भारत में बेरोजगारी दर बीते दिसंबर में 7.91% पर पहुंच गई है जो कि पिछले 4 महीने का उच्चतम स्तर है।
हरियाणा नंबर 1 राजस्थान दूसरे नंबर पर
बेरोजगारी के मामले में 34.1 बेरोजगारी दर के साथ हरियाण पहले नंबर पर है। वहीं राजस्थान 27.1% बेरोजगारी के साथ दूसरे नंबर पर है, जो कि काफी चिंताजना है। सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (सीएमआईई) के आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर 2021 में हरियाणा (34.1%) के बाद सर्वाधिक 27.1% बेरोजगारी दर राजस्थान में रही। वहीं, कर्नाटक राज्य में बेरोजगारी दर सबसे कम हैं। कर्नाटक 1.4 प्रतिशत बेरोजगारी दर के साथ सबसे निचले पायदान पर हैं। इसके बाद दूसरे सबसे कम बेरोजगारी वाले राज्यों में गुजरात और कर्नाटक संयुक्त रूप से दूसरे नंबर पर हैं।
यही नही पिछले एक साल में 10 महीने में प्रदेश की बेरोजगारी दर 20% से अधिक रही है। सिर्फ जनवरी 2021 में 17.7% व सितंबर 2021 में ही 17.9% पर रही थी। सीएमआईई के सीईओ डाॅ. महेश व्यास बोले- दिसंबर में 85 लाख लोग रोजगार के लिए श्रम बाजार में आए। इनमें से 40 लाख को रोजगार मिला, 45 लाख को नहीं मिला।
विभिन्न राज्यों में बेरोगारी दर
राज्य - दर (%)
कर्नाटक - 1.4, गुजरात - 1.6, ओडिशा - 1.6, छत्तीसगढ़ - 2.1, तेलंगाना - 2.2, हरियाणा में 34.1% रही, राज्य - दर (%), हरियाणा - 34.1, राजस्थान - 27.1, झारखंड - 17.3, बिहार - 16.0, जम्मू-कश्मीर - 15.0
राजस्थान में चिंता
आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में बेरोजगारी चरम पर क्योंकि विभिन्न विभागों में सिफ भर्ती 48 हजार पदों पर 70 लाख अभ्यर्थीयों ने आवेदन किया है। वर्ष 2020 में ही विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में 25 लाख बेरोजगार शामिल हुए थे, वहीं वर्ष 2021 में यह संख्या 3 गुणा से अधिक पहुंच गई। वहीं, जनवरी से दिसंबर 2021 तक की भर्ती परीक्षाओं में 70 लाख से अधिक बेरोजगार शामिल हुए। अभी तक अधिकांश परीक्षाऐं पूरी भी नहीं हुई हैं।