जयपुर। आखिरकर हरियाणा में चल रही किसानों और भाजपा सरकार के बीच की तकरार खत्म हो गई है। किसान पिछले एक सप्ताह से हरियाणा में किसानों के सिर फोड़ने के आदेश देने वाले आईएएस अधिकारी आयुष सिन्हा के खिलाफ कार्यवाही करवाने के लिए अड़े हुए थे। किसानों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए करनाल में मिनी सचिवालय का घेराव भी किया था। आज किसानों ने अपना विरोध प्रदर्शन वापस ले लिया। दोनों पक्ष आईएएस अधिकारी के खिलाफ एक पूर्व न्यायाधीश द्वारा एक महीने की लंबी जांच पर सहमत हुए और कहा कि वह इस अवधि के दौरान छुट्टी पर रहेगा।
पिछले हफ्ते करनाल में बड़ा ड्रामा हुआ क्योंकि किसानों के विरोध को रोकने के लिए बड़ी सभाओं पर प्रतिबंध लगा दिया गया और मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को निलंबित कर दिया गया। श्री सिन्हा के कैमरे में कैद होने के बाद उन्हें बर्खास्त करने की मांग उठाई गई, जिससे बड़े पैमाने पर आक्रोश फैल गया। वहीं, करनाल के आयुष सिन्हा को उनके पद से हटा दिया गया है।
आपको बता दें कि 28 अगस्त को हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की भाजपा की बैठक के विरोध में करनाल जा रहे किसानों पर लाठीचार्ज करने वाले किसानों पर दस लोग घायल हो गए थे। इसके तुरंत बाद एक वीडियो सामने आया था जिसमें आईएएस अधिकारी सिन्हा पुलिस के जवानों को किसानों के सर फोडने का आदेश दे रहे थे। वीडियो वायलर होने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा था कि आधिकारी के शब्दों का चुनाव सही नहीं था, लेकिन कानून और व्यवस्था की स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए सख्ती बरती जानी चाहिए। इसके बाद किसनों का गुस्सा फूट पड़ा था।
वहीं मुख्यमंत्री ने कहा था कि आधिकारी के शब्दों का चुनाव सही नहीं था, लेकिन कानून और व्यवस्था की स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए सख्ती बरती जानी चाहिए।"