जयपुर। भारत के जाने.माने अर्थशास्त्री अभिजीत सेन का सोमवार को दिल का दौरा पडने से निधन हो गया। अभिजीत सेन योजना आयोग के पूर्व सदस्य भी रह चुके थे। और उनकी उम्र 72 साल थी। सेन के भाई डॉ प्रणब सेन ने यह जानकारी दी।
डॉ प्रणब सेन ने बताया कि अभिजीत सेन को रात करीब 11 बजे हार्ट अटैक आया जिसके बादे वे बेहोश हो गये और उन्हें अस्पताल ले जाया गया। जहां डाक्टर्स ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। भाई प्रणब सेन ने बताया कि अभिजीत सेन पिछले कुछ वर्षों से श्वसन संबंधी बीमारियों से पीड़ित थे जो कोविड.19 वैश्विक महामारी के दौरान और बढ़ गई। उनके परिवार में पत्नी जयती घोष और बेटी जाह्नवी है। सेन की पत्नी भी जानी मानी अर्थशास्त्री हैं।
बता दें वह कैम्ब्रिज के ऑक्सफोर्ड में तथा नई दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर रह चुके हैं। उन्होनें कृषि लागत और मूल्य आयोग के अध्यक्ष पद कई महत्वपूर्ण सरकारी पदों पर भी अपनी सेवाएं दीं। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कार्यकाल के दौरान सेन 2004 से 2014 तक योजना आयोग के सदस्य रहे। सेन को 2010 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था।
2014 में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के सत्ता में आने परए उसने सेन को अनाज नीति बनाने के वास्ते एक उच्च स्तरीय कार्यबल के प्रमुख का पद सौंपा। सेन गेंहू और चावल के लिए सार्वभौमिक जन वितरण प्रणाली के घोर समर्थक थे। उनका तर्क था कि खाद्य पदार्थों पर दी जाने वाली रियायतों से राजकोष पर पड़ने वाले बोझ को बढ़ा.चढ़ा कर पेश किया जाता हैए जबकि देश के पास न सिर्फ सार्वभौमिक जन वितरण प्रणाली को सहयोग देने के लिए बल्कि किसानों को उनके उत्पाद के उचित मूल्य की गारंटी देने के लिए भी पर्याप्त वित्तीय संभावनाएं हैं।