आंदोलन को लाठी के दम पर कुचलना सरकार की दमनकारी नीति:- गुंजल
ब्यूरो चीफ शिवकुमार शर्मा
कोटा राजस्थान
कोटा 20 सितंबर:-कोटा उत्तर पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार के समक्ष अपनी बात रखने के लिए आंदोलन होते रहे हैं परंतु राजस्थान की वर्तमान कांग्रेस सरकार द्वारा शांतिपूर्ण आंदोलन कर अपनी मांगे रखने वाले माली समाज के लोगों को लाठी के दम पर खदेड़ना सरकार की दमनकारी नीति को दर्शाता है। गुंजल ने कहा कि आरक्षण सहित 11 सूत्री मांगों को लेकर राष्ट्रीय फुले ब्रिगेड के आव्हान पर सीकर रोड और अजमेर दिल्ली एक्सप्रेस वे पर शांतिपूर्ण तरीके से धरना दे रहे लोगों को देर रात लाठी चार्ज कर खदेड़ने की जितनी निंदा की जाए कम है। उन्होंने कहा कि समय रहते सरकार के प्रतिनिधि को आकर आंदोलनकारियों से वार्ता कर कोई सार्थक हल निकालने के बदले लाठी के दम पर लोगों के साथ बर्बरता पूर्ण व्यवहार करना व उसके बाद 84 लोगों को गिरफ्तार करना अन्यायपूर्ण है।
गुंजल ने कहा कि लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है अपनी बात रखने वाले लोगों पर लाठी के दम पर दमन करना किसी भी सूरत में न तो न्यायोचित है ना ही बर्दाश्त योग्य है। परंतु वर्तमान कांग्रेस सरकार ने पिछले 4 वर्षों में जनहित में होने वाले आंदोलनों सहित कई आंदोलनों को कुचलने का इसी तरह प्रयास किया है जिसका जवाब प्रदेश की जनता आने वाले समय में देगी।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को माली समाज की 11 सूत्री मांगों पर उचित हल निकालना चाहिए साथ ही शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रख रहे लोगो पर लगे मुकदमे वापस कर 84 लोगों को तत्काल रिहा करना चाहिए।