जयपुर। यूक्रेन पर हमला करने के बाद अब रूस घिरता हुआ नजर आ रहा है। मेंउत्तर अटलांटिक संधि संगठन (NATO) समूह के देशों ने फैलसा लिया है कि वह अपने सहयोगी देश की मदद के लिए हजारों सैनिक यूक्रेन सीमा पर भेज रहे हैं। और यूक्रेन सेना को हथियार और डिफेंस सिस्टम देने का फैसला लिया है जिससे रूके फाइटर जेट्स को ध्वस्त कर सके नाटो देशों ने पहले ही 100 फाइटर जेट को अलर्ट कर रखा है और पोलैंड-यूक्रेन की सीमा के पास अमेरिकी सैनिक मौजूद हैं।
नाटो की बैठक के बाद महासचिव जेन्स स्टोल्टेनबर्ग ने शुक्रवार को वे अपने सहयोगी देश यूक्रेन की मदद के लिए हजारों की तादात में यूक्रेन सीमा पर कमांडों भेज रहे हैं। ये कमांडो नभ, जल और स्थल हर जगर से यूक्रेन को मदद पहुंचायेंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि 30 देशों के संगठन नाटो ने यूक्रेन को सभी तरह के हथियार देंगे। उन्होंने कहा कि हमसहयोगी समर्थन को लेकर बहुत प्रतिबद्ध हैं। हम सामूहिक रक्षा नीति के तहत पहली बार नाटो प्रतिक्रिया बल को तैनात कर रहे हैं।।
रूस की नीयत सबके सामने
नाटो महासचिव जेन्स स्टोल्टेनबर्ग ने कहा रूस की नियत सबके सामने हैं। रूस यूक्रेन की सरकार को गिराना चाहता है। रूस यूक्रेन की राजधानी कीव पर कब्जा करके वहां पर कठपुतली शासन स्थापित करना चाहता हैं। स्टोल्टेनबर्ग ने कहा हम अपने सहयोगी और नाटो की प्रत्येक इंच जमीन की रक्षा करने के लिए हर संभव कदम उठायेंगे।
दूसरी तरु यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने एक वीडियो कॉन्फ्रेंस कॉल में कहा, ‘यह आखिरी बार हो सकता है, जब आप मुझे जीवित देख रहे हों।’ यूक्रेन के राष्ट्रपति के सलाहकार ने पहले चेतावनी दी थी कि अगर रूस यूक्रेन की राजधानी पर कब्जा करता है, तो जेलेंस्की को मारना चाहता है।