जयपुर। यूक्रेन पर करने के बाद से रूस लगातार यूक्रेन के परमाणु उर्जा संयंत्रों का निशाना बना रहा है। रूस ने यूक्रेन के Zaporizhzhia परमाणु ऊर्जा संयंत्र को निशाना बनाया जो कि यूरोप का सबसे बड़ा परमाणु संयंत्र है। यूक्रेन की बिजली उत्पादन का लगभग एक चौथाई हिस्सा Zaporizhzhia परमाणु ऊर्जा संयंत्र से बनता है। बता दें कि पुतिन के निर्देशन में रूस के परमाणु निवारक बलों को हाई अलर्ट पर रखने के पांच दिन बाद, हमलावर सैनिकों ने यूक्रेन के परमाणु ऊर्जा संयंत्र को निशाना बनाया। रूसी और यूक्रेनी सैनिकों के बीच तीव्र लड़ाई के बीच ज़ापोरिज्जिया परमाणु ऊर्जा संयंत्र में आग लग गई थी।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने रूस पर "परमाणु आतंक" का आरोप लगाते हुए कहा है कि रूस के राष्ट्रपति पुतिन चेरनोबिल की घटना को फिर से दोहराना चाहते हैं।
ज़ेलेंस्की ने चेतावनी दी थी कि अगर ज़ापोरिज्जिया परमाणु संयंत्र क्षतिग्रस्त हो जाता है, तो वह चोरनोबिल की तुलना में छह गुना अधिक तबाही मचा सकता है। उन्होंने कहा कि यह रात यूक्रेन और यूरोप के लिए इतिहास का अंत हो सकती है।
वहीं, अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने कहा कि कोई विकिरण रिसाव नहीं हुआ है और छह परमाणु रिएक्टर रूसी गोलाबारी से प्रभावित हुआ है। इस हमले में कम से कम तीन यूक्रेनी सैनिक मारे गए हैं।
इस मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र परमाणु निगरानी संस्था IAEA के महानिदेशक, राफेल मारियानो ग्रॉसी ने सभी परमाणु स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और सुनिश्चित करने के लिए यूक्रेन और रूस के साथ बातचीत करने के लिए चेरनोबिल में बैठक कर बातचीत करने का प्रस्ताव रखा हैं हालांकि अब यूक्रेन के अधिकारियों ने कहा है कि संयंत्र अब सुरक्षित है।