जयपुर। शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में रूस के खिलाफ एक निंदा प्रस्ताव लाया गया जिसमें रूस द्वारा यूक्रेन पर किये गये आक्रमण की कडी निंदा की गई और यूक्रेन से अपने सैकिनों को वापिस बुलाने की बात कही गई थी। यूएनएससी में लाये गये इस प्रस्ताव पर रूस ने अपना वीटो पावर इस्तेमाल इसलिए यह प्रस्ताव खारिज हो गया।
भारत ने नहीं किया मतदान
भारत ने इस मामले में मतदान करने से दूरी बनाई और हमले की निंदा की। भारत के अलावा चीन और यूएई ने इस मामले में मतदान नहीं किया। यूएनएससी के 15 सदस्यों में से 11 सदस्यो ने इस प्रस्ताव के लिए मतदान किया वहीं, चीन, भारत और यूएई ने इससे दूरी बनाई। अपेक्षा के अनुसार शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव को वीटो कर दिया।
संयुक्त राष्ट्र में इस प्रस्ताव को लेकर हुई बहस में सदस्य देशों ने रूस के इस हमले की कड़ी निंदा की। अमेरिकी राजदूत लिंडा थॉमस-ग्रीनफील्ड ने मतदान के बाद कहा, "मैं एक बात स्पष्ट कर दूं।" "रूस, आप इस प्रस्ताव को वीटो कर सकते हैं, लेकिन आप हमारी आवाज़ को वीटो नहीं कर सकते, आप सच्चाई को वीटो नहीं कर सकते, आप हमारे सिद्धांतों को वीटो नहीं कर सकते, आप यूक्रेनी लोगों को वीटो नहीं कर सकते।" थॉमस-ग्रीनफ़ील्ड ने हमले को "इतना साहसिक, इतना बेशर्म बताया, कि यह हमारी अंतर्राष्ट्रीय प्रणाली के लिए खतरा है जैसा कि हम जानते हैं।
संयुक्त राष्ट्र में ब्रिटेन की राजदूत बारबरा वुडवर्ड ने कहा, "कोई गलती न करें, रूस अलग-थलग है। उसे यूक्रेन पर आक्रमण का कोई समर्थन नहीं है।"