रूस की सिंगल-डोज़ कोरोना वैक्सीन स्पुतनिक लाइट को भारत में मिली टेस्टिंग मंजूरी

जयपुर। कोराना की सिंगल-डोज़ COVID-19 वैक्सीन स्पुतनिक लाइट जिसे रूस ने बनाया है को भारत में टेस्टिंग की मंजूरी मिल गई है। ड्रग कंट्रोलर जनरल (DCGI) की विषय विशेषज्ञ समिति (SEC) ने स्पुतनिक लाइट की आज भारत में चरण 3 ब्रिजिंग परीक्षण करने की मंजूरी मिली।
आपको बता दें कि हैदराबाद में डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज ने टीके के तीसरे चरण के परीक्षण के लिए आरडीआईएफ के साथ भागीदारी की थी।

केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन ने इसके परीक्षण की मंजूरी देने से पहले कहा ​था कि कंपनी द्वारा सुरक्षा, इम्युनोजेनेसिटी और इसके साइड इफेक्ट सभी के डेटा को एनालाइज करके एसईसी ने भारत में इसके तीसरे परीक्षण की मंजूरी दी है। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन का कहना है कि इस वैक्सीन के लगाने के बाद मनुष्य के शरीर में एंटीबॉडी पर पड़ने वाले प्रभाव को स्टडी करके और इसके परिणामों को जानकर परीक्षण करने की अुनमति प्रदान की गई है।

डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज के सीईओ दीपक सपरा बताया कि कंपनी ने जून में सरकार और नियामक के साथ स्पूतनिक लाइट को लॉन्च करने की चर्चा की थी, लेकिन जुलाई में, विशेषज्ञ समिति ने स्पुतनिक लाइट के लिए आपातकालीन-उपयोग प्राधिकरण देने से इनकार कर दिया, रूस के गामालेया संस्थान द्वारा विकसित टीके के लिए तीसरे चरण के परीक्षण को खारिज कर दिया।
स्पुतनिक लाइट बनाने वाली कंपनी कहा है कि वैक्सीन ने 79.4 प्रतिशत की प्रभावकारिता दिखाई है। यदि भारत में जैब को मंजूरी मिल जाती है, तो स्पुतनिक लाइट देश में इस्तेमाल होने वाला पहला एकल खुराक वाला टीका हो सकता है।