जयपुर। महाराष्ट्र में चल रहे सियासी संकट के बीच एक नयी हलचल उस समय पैदा हो गई जब मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में शिवसेना नेता संजय राउत को प्रवर्तन निदेशालय ने मंगलवार का समन भेजा। इससे पहले ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग रोधी कानून के तहत अलीबाग में आठ जमीन और मुंबई के दादर उपनगर में उनके परिवार से जुड़े एक फ्लैट को कुर्क किया था। संजय राउत, उस समय मुंबई की एक 'चॉल' के पुनर्विकास से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच में उनके खिलाफ ईडी की कार्रवाई से अप्रभावित थे।
सच्चे शिव सैनिक डरेंगे नहीं
संजय राउत ने कहा कि अगर केंद्रीय एजेंसियों ने उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में उनकी सारी संपत्ति जब्त कर ली या उन्हें जेल भेज दिया तो भी उन्हें डर नहीं है और वह एक "सच्चे शिव सैनिक" हैं और सभी बाधाओं के खिलाफ लड़ना जारी रखेंगे। इस बात पर जोर देते हुए कि अंत में सच्चाई की जीत होगी, राउत ने कहा, "मैं डरने वाला नहीं हूं।" खुद को बालासाहेब ठाकरे का अनुयायी और सच्चा शिवसैनिक बताते हुए राउत ने कहा कि वह "सभी से लड़ेंगे और बेनकाब करेंगे।""मैं चुप रहने वालों में से नहीं हूं, उन्हें नाचने दो। आखिरकार सच्चाई की जीत होगी,
बता दें कि ईडी का समन राउत की पार्टी शिवसेना के लिए ऐसे समय पर आया है जब शिवेसना सरकार को उन्ही के मंत्री एकनाथ शिंदे के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। एकनाथ शिंदे खेमा महा विकास अघाड़ी (एमवीए) से अलग होने की कोशिश कर रहा है और महाराष्ट्र में सरकार गिराने की कोशिश की जा रही है।