हिंदू कैलेंडर के अनुसार सौभाग्य सुंदरी व्रत मार्गशीर्ष महीने के तीसरे दिन मनाया जाता है। इस दिन विवाहित महिलाएं अपने पति की उम्र के लिए व्रत रखती हैं। इस दिन महिलाएं देवी पार्वती की पूजा करती हैं और हमेशा के लिए उनके सुख की कामना करती हैं। इस व्रत को पूरे विधि-विधान से करने से माता पार्वती प्रसन्न होती हैं।
सौभाग्य सुंदरी पूजा सामग्री -
कुमकुम, रोली, मौली, बेलपत्र, फूल, माला, पान, सुपारी, लौंग, हरी इलाचयी, बताशा, दक्षिणा, आक के फूल, सफेद चंदन, अक्षत, पूजा की चौकी, लाल कपड़ा, धूप, दीप, कपूर, नारियल, मिठाई, फल.
शिव योग में सौभाग्य सुंदरी व्रत -
इस साल सौभाग्य सुंदरी व्रत शिव योग और सिद्ध योग में है. 11 नवंबर को शिव योग सुबह से लेकर रात 09 बजकर 30 मिनट तक है. उसके बाद से सिद्ध योग शुरू हो जाएगा. शिव और सिद्ध योग मांगलिक कार्यों के लिए शुभ माने जाते हैं.
पूजा की विधि-
1. इस दिन सुबह जल्दी उठकर नहा-धोकर साफ कपड़े पहन लें।
2. सौभाग्य सुंदरी तीज के दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करनी चाहिए।
3. एक छोटी सी पूजा की चौकी पर लाल और पीले रंग के कपड़े रखकर भगवान शिव और माता पार्वती की मूर्तियों को रखें।
4. पूजा के दौरान देवी पार्वती को 16 सौंदर्य प्रसाधन चढ़ाएं।
5. व्रत के दिन पूरे विधि-विधान से माता को प्रणाम करें।
6. पूजा के दौरान ओम उमय नमः मंत्र का जाप करें। इस दिन नौ ग्रहों की पूजा करने के बाद भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करें।
7. माता पार्वती को सुपारी और रोली, कुमकुम, चावल का भोग लगाएं।
इस वर्ष सौभाग्य सुंदरी व्रत 11 नवंबर को मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार कन्या राशि की लड़की की कुंडली में किसी भी प्रकार का दोष हो तो इस व्रत को करने से किसी भी प्रकार का दोष दूर हो जाता है। सौभाग्य सुंदरी तीज महिलाओं के लिए शुभ मानी जाती है।