छापोली में मनाई सावित्रीबाई फुले की जयंती

संवाददाता सुमेर सिंह राव

दयपुरवाटी / छापोली
अंबेडकर कालोनी में आज भारत की प्रथम शिक्षिका, राष्ट्रमाता क्रांति ज्योति सावित्री बाई फुले की जन्मदिवस मनाया गया।

इस अवसर पर अंबेडकर कालोनी के अम्बेडकर भवन में दलित चिंतक हंसराज कबीर (एडवोकेट) ने सावित्री बाई फुले के जीवन पर प्रकाश डाला। सावित्री बाई फुले ने पितृसत्तात्मक व्यवस्था को चुनौती दी जिसमे वे सफल रही उन्होंने वंचित तबकों के साथ ही उच्च समाज की महिलाओं को भी शिक्षित किया।

उन्होंने महिला शिक्षा की अलख भारत में जगाई। इसी के साथ फातिमा शेख के योगदान को भी याद किया व कहा की सावित्री बाई फुले के साथ उनको भी याद करना चाहिए उनके सामने कठिन चुनौती पैदा हुई लेकिन उन्होंने हर चुनौती का सामना डटकर किया।इस अवसर पर विजेंद्र भीमप्रेमी ने कहा कि हमारी माताओं बहनों को माई सावित्री बाई फुले से सीखना चाहिए व आगे बढ़ना चाहिए। हमें शिक्षा को हमेशा तवज्जो देना चाहिए।

"शिक्षा वह शेरनी है जो पिएगा वह दहाड़ेगा" ऐसा बाबा साहेब अंबेडकर जी ने कहा है।
आयोजन के अवसर पर पधारे दीपक जी ने माता सावित्री बाई फुले के व्यक्तित्व व जीवन पर गहरा प्रकाश डाला व कहा कि हमारे जीवन में माता सावित्री बाई फुले का प्रभाव है।
इस आयोजन में अंबेडकर कालोनी से सतीश, किशोर, सुषमा, पूजा, मीनाक्षी, सांवर, दीपक, अविनाश, देवेंद्र, सांवल राम, देशराज, इंद्राज, ओमप्रकाश, भगवानी देवी, छोटी देवी, नाथूराम, भागीरथ ठेकदार, मंजीत, अंजु, मीना, ज्योति काफी संख्या में महिला पुरुष उपस्थित थे।